दोस्तों की नजर
उसने हमें बनाया है,
रोशन जहां दिखाया है।
उसकी कर्म नवाजी है,
जीवन हसीं बनाया है।
फिर भी खफा नही हमसे,
हमने उसे भुलाया है।
सोते रहे नही जागे,
उसने हमें जगाया है।
अफ़सोस हम नही माने,
उसने बहुत मनाया है।
"रैना" गुमां नही करना,
ये जिस्म भी पराया है। रैना"
सुप्रभात जी जय जय माँ
उसने हमें बनाया है,
रोशन जहां दिखाया है।
उसकी कर्म नवाजी है,
जीवन हसीं बनाया है।
फिर भी खफा नही हमसे,
हमने उसे भुलाया है।
सोते रहे नही जागे,
उसने हमें जगाया है।
अफ़सोस हम नही माने,
उसने बहुत मनाया है।
"रैना" गुमां नही करना,
ये जिस्म भी पराया है। रैना"
सुप्रभात जी जय जय माँ
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