SATURDAY / SUNDAY : ... " UNWAAN " PROGRAMME KE TAHAT ...
DOSTO ! AAJ KAA " UNWAAN " TOPIC HAI .." Duaa " ( दुआ )
बेवफा बस यही वफ़ा करदे,
मेरे मरने की तू दुआ करदे।
साथ औरों का भी निभा लेना,
पहले हस्ती मिरी फना करदे। रैना"
इस कदर बदली हवा क्यों है,
फूल नफरत का खिला क्यों है।
गैर अपने खास बन बैठे,
यार अपनों से गिला क्यों है।रैना"
DOSTO ! AAJ KAA " UNWAAN " TOPIC HAI .." Duaa " ( दुआ )
बेवफा बस यही वफ़ा करदे,
मेरे मरने की तू दुआ करदे।
साथ औरों का भी निभा लेना,
पहले हस्ती मिरी फना करदे। रैना"
इस कदर बदली हवा क्यों है,
फूल नफरत का खिला क्यों है।
गैर अपने खास बन बैठे,
यार अपनों से गिला क्यों है।रैना"
No comments:
Post a Comment