क्यों रूठे रहते हो कुछ तो बोलो ,
दिल में रहना है दरवाजा खोलो। "रैना"
दोस्तों की नजर
गम देना तेरी फितरत है,
सह लेना अपनी आदत है।
बेदर्दी तू कब समझेगा,
मुझको तुझसे मोहब्बत है।
दिन में भी अन्धेरा सा है,
बस्ती की ऐसी हालत है।
उड़ने वाले के पर कतरे,
सच बोलो आती सामत है।
रैना"को दिन से क्या लेना,
उससे मिलने की हसरत है। रैना"
"रैना"तरकश में कुछ तीर बचा के रखना,
क्योंकि तरकश खाली होते ही ????
दोस्तों के भी मिजाज बदल जाते है। रैना"
दिल में रहना है दरवाजा खोलो। "रैना"
दोस्तों की नजर
गम देना तेरी फितरत है,
सह लेना अपनी आदत है।
बेदर्दी तू कब समझेगा,
मुझको तुझसे मोहब्बत है।
दिन में भी अन्धेरा सा है,
बस्ती की ऐसी हालत है।
उड़ने वाले के पर कतरे,
सच बोलो आती सामत है।
रैना"को दिन से क्या लेना,
उससे मिलने की हसरत है। रैना"
"रैना"तरकश में कुछ तीर बचा के रखना,
क्योंकि तरकश खाली होते ही ????
दोस्तों के भी मिजाज बदल जाते है। रैना"
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