Wednesday, January 28, 2015

jo hwa me udte hai

 जो भी हवा में उड़ते है,
वो जल्द नीचे गिरते है।
इन्सां बना चलने के लिये,
पंख मिले न उड़ने के लिये।
इसलिये रैना"तू मत उड़ना,
धरती पे सम्भल के चलना।
मिट्टी का मिट्टी ठिकाना है,
तुझे लम्बी तान के सो जाना है।
मतलब की ये सारी दुनिया,
गिरगट सी बदले न्यारी दुनिया।
रैना"इतना सा तू  काम करले,
आगे का कुछ इंतजाम करले। रैना"

 जीने की क्या बात करू,
ऐसा लगता जैसे खुद पे एहसान कर रहा हूं। रैना"

सर्दी के बारे में मत पूछो,
सर्द मौसम मेरी जान का दुश्मन है,
क्योकि उनकी याद बहुत आती है। रैना"

चार कन्धों की सवारी कर गये होते,
फेसबुक न होती तो मर गये होते। रैना"

मैं लिखता नही करता हूं इबादत,
इबादत में गुस्ताखी नही होती। रैना"

प्यारे मन के बहुत सच्चे लगते है,
खिलते फूल बहुत अच्छे लगते है। रैना"

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