Monday, November 30, 2015

दोस्तों आप की खिदमत में

उजड़ी हमने बस्ती देखी
मिटती हर इक हस्ती देखी।
हर शै अब तो मंहगी होती,
लेकिन जां तो सस्ती देखी।
उसके आशिक जो दीवाने,
उनमें हमने मस्ती देखी।
महंगाई से बचना मुश्किल,
नागिन बन के डसती देखी।
रैना"पानी के खातिर तो,
सागर की माँ भटकी देखी। रैना"


Sunday, November 29, 2015

वैष्णो माता की जय जय जय 
माँ तेरा ही सहारा,कहीं दूर है किनारा,
इस जग से मैं हारा,मन ने तुझको पुकारा,
तू दाता माँ जगत विधाता कर सकती है,
मेरा दुखड़ा पल में मईया हर सकती है। 
मेरा दुखड़ा वैष्णो माता  ------------
वैष्णो महारानी की जब कृपा हो जाये,
अंधा देखे बहरा सुने गूंगा भजन है गाये,
बिगड़ी हुई जिन्दगी मेरी संवर सकती है। 
मेरा दुखड़ा वैष्णो माता --------
भक्त पुकारे तेरा जलवा दिखा दे मईया 
दुःख चिन्ता जो भारी है मिटा दे मईया,
खुशियों से माँ मेरी झोली भर सकती है। 
मेरा दुखड़ा वैष्णो माता ------------रैना"
सुप्रभात जी ------------जय जय माँ 
कटे पर परिन्दें क्या कभी उड़ पायेंगे,
सियासत में खोटे सिक्कें चल जायेंगे।
भिखारन को भेड़ियों ने नोच के मारा,
उसके भूखे बच्चें बेमौत मर जायेंगे।
बलात्कारी को होनी मौत की सजा,
लेकिन न संभव मसीहा उसे बचायेंगे।
गंगा सफाई की मुहीम फिर अधूरी है,
साफ हो कैसे कचरा गंगा में बहायेंगे।
अरबों खर्च के बाद भी अनपढ़ तमाम,
सरकार का दावा हर बच्चे को पढ़ायेंगे।
चंद दिनों में ही सड़क खस्ता हाल हुई,
सड़क अच्छी बने कमीशन कैसे खायेंगे।
देश भक्तों की कमी नही भारत देश में,
आये कोई खतरा हम सब एक हो जायेंगे। रैना"

पल पल हर पल बदल रहा,पर मौसम सर्द आज भी है,
जख्म नासूर बने नही,पर दिल में दर्द आज भी है।
चोटें दिल पे इतनी लगी,चाहा कर भी उबर न पाये,
ये लब मजबूरी में हंसे,यूं मुखड़ा जर्द आज भी है।
बसता घर तोड़ कर मेरा,लोगों से हाल पूछते ये,
जिससे धोखा किया रहा,क्या जिन्दा मर्द आज भी है।
उससे रिश्ता मेरा रहा,हरगिज अब गैर का न होगा,
वो अपना सिर्फ मेरा,कायम वो फर्द आज भी है।
रैना"कोई करे गिला,ऐसी औकात तो न मेरी,
आ देखो तो जमी हुई,पुस्तक पर गर्द आज भी है।  रैना"

Saturday, November 28, 2015

रात भर बुजुर्ग पानी पानी रहा पुकारता,
बेटे बहु को फुर्सत न मिली कुत्ता बीमार था। रैना"
 वैष्णो माँ की जय जय जय जय
वैष्णो माँ मेरी तरफ तेरी नजर करदे,
आसान मेरी जिन्दगी की डगर करदे,
हर तरफ तेरे जलवे नजारें है मेरी माँ,
खुशियों की कुछ बरसात मेरे घर कर दे। रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय जय माँ


मिटाये भी नही मिटते लगे दिल पे निशान है,
हुआ हमको यकीं उल्फ़त तो घाटे की दूकान है।
मसीहा जो बने उसकी बदल जाते मिजाज हैं,
यकीं किस पे करे कोई जमाना बे जुबान है। 
बुजुर्गों के कथन सच्चे होने लगे हैं,
माँ बाप से बड़े  बच्चे होने लगे है।
कोरे भाषण हैं भरोसा मत करना,
मसीहा के वादें कच्चे होने लगे है।
बेशर्म समझता डंडे की भाषा को,
हालात कुछ तो अच्छे होने लगे है।
वृद्धाश्रम में देखो लगी हुई कतार,
बुजुर्गों के साथ धक्के होने लगे है।
आजकल दफ्तर में आते है देर से,
सुनो वो कर्मचारी पक्के होने लगे है।
खेत को अब कैसे बचायेंगे बाड़ से,
पहरेदार अब चोर उच्चके होने लगे है।  रैना"

आज तक मैंने संभाल कर रखी है वो डिग्रियां,
किसी नेता को उसकी औकात दिखाने के लिये। रैना"

इक बार जो गिरा तो पैरों में कुचला जायेगा,
न पीछे मुड़ कर देखना हैं उबड़ खाबड़ रास्तें। रैना"

गिड़गिड़ाने से न होगी सुखी रोटी भी नसीब,
रोबदार आवाज होगी लोग देशी घी ले आयेंगे। रैना"

कर रहा है खंडर अपनी कहानी खुद बयां,
देखने आते है लोग रानी के उजड़े चमन को। रैना"

सिर्फ ऊँची आवाज से देश भक्ति का दम भर रहे,
चौकस पहरेदार खड़े ताला लगा कर सोते है। रैना"

अब खिड़कियों से झांकने की जरूरत नही,
दरवाजें खुले हैं बे रोक टोक आ जा सकते हो। रैना"





Friday, November 27, 2015



2 2  1  1 2  1  2   2   2  1  1  2 1 2
वो मुझसे अलग नही,मैं उसके करीब हूं,
मैं उसको न देख पाया बड़ा बदनसीब हूं।
दुश्मन न मिरा यहां सबका अजीज हूं,
अफ़सोस यही है खुद का रकीब हूं।
कोई न कमी यूं सबकुछ ही दिया किया,
लेकिन ये कमी मिरी मैं दिल का ग़रीब हूं।
अपने से दगा करे ये कैसा मिजाज है,
खुद का तो नही पता मैं इन्सां अज़ीब हूं।
तू रैन" नही  हिसाब है,
तू मत सोच ये कभी मैं माहिर तबीब हूं।  रैना"

वैष्णो महारानी की जय जय जय जय
माँ वैष्णों तेरे संसार में ये क्या हो रहा है,
झूठा मौज करे सच्चा रो रहा है।
माँ ये क्या हो रहा है ----------------
मतलब को अब दोस्ती यारी,
शर्म उतार के बेच दी सारी,
चिंता कोई फ़िक्र न गहरी नींद सो रहा है।
माँ ये क्या हो रहा है ----------------
बेटा फर्ज से दूर भाई ने तोडा नाता,
पैसे से सब को प्यार ये क्या हो रहा माता,
रैना"चिंतित असुअन से आंखें भिगो रहा है।
माँ ये क्या हो रहा है ----------"रैना"
सुप्रभात जी ---------जय जय माँ

मेरे बारे में यूं सोचा न करो,
रात दिन तुम ख़्वाब देखा न करो।
मैं बेकाबू बहकी महकी सी हवा,
बेज़ा मेरी राह रोका न करो।
जानते सब हो मगर क्यों हैं भले,
खुद से तो ऐसे ही धोखा न करो।
चुप रहे गम भी सहे सब की अदा,
मन की करते इन को टोका न करो।
है मजे से कट रही चैन बहुत,
हाल मेरा मुझसे पूछा न करो।
तू कमी अपनी छुपाये क्यों बता,
दूसरों के राज ढूंढा न करो।
रैन"को आराम मिलता न कभी,
देख हिम्मत उसकी चौंका न करो।


हम प्यार का करते व्यापार है,
खुदरा एवं थोक के दुकानदार है,
ये इसलिये हो पाया है मुनासिव,
क्योकिं हम इश्क रोग के बीमार है। रैना"
सुबह ओ शाम की चिन्ता न कोई भी फ़िकर है,
सनम अब तो 
तुझे देखने की तमन्ना बड़ी है,
बता दे तेरा घर रहे तू किधर है।
तलाशा बहुत पर न मिलता कही घर,



दोस्तों मेरे दिल की बात आप के सामने है

खफ़ा हम से हुआ ऐसा हबीब मेरा,
जमाना बन गया सारा रक़ीब मेरा।
सफ़ीना डूबता अक्सर पहुँच किनारे,
करे धोखा सदा मुझसे नसीब मेरा।
चले हम इश्क के रस्ते खता हमारी,
कभी का देखती रस्ता सलीब मेरा।
कसक है बेकरारी दिल रहे परेशां,
कहे क्या हाल है अब अजीब मेरा।
यही अब सोचते रहते मिले उसे हम,
समय अब आखिरी आया करीब मेरा।
चलो रैना"वहां चलते जहां मिलेंगे,
करे इंतजार जहां बैठा तबीब मेरा। रैना"




Thursday, November 26, 2015

वैष्णो महारानी की जय जय जय जय जय
दुखिया की सुन ले पुकार माँ,
हम आये तेरे दवार माँ,
खाली न लौटाना हमको,
दर्शन दे इक बार माँ।
हम आये तेरे ------------
तेरी भक्ति का माँ वर दे,
सिर पे मेरे हाथ माँ धर दे,
मेरी विनती करो स्वीकार माँ।
हम आये तेरे -----------
टूटी कश्ती बड़ी दूर किनारा,
रैना"को माँ जी तेरा सहारा,
मोहे बख्शो अपना प्यार माँ।
हम आये तेरे ----------रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ


2 1  2   2    2  1 2  2   2  2
इक हसीं बुत की इबादत की है,
बस तुझे दिल से मुहब्बत की है। 
दिल मेरा कुछ भी नही बोला है,
तेरी नज़रों ने शरारत की है। 
कर्म तेरा ये हुआ मुझ पर भी,
उस खुदा ने तब इनायत की है। 
है मिला मुझको बिना मांगे सब,
ये लगे मैंने शराफ़त की है। 
वो खफ़ा हरगिज नही होता पर,
ये किसी ने तो सियासत की है। 
सोच इस बारे कभी तो रैना"
क्या कभी अपनी शिनाख्त की है।








कटु व्यंग्य
देखो देश में ये शर्मसार घड़ी है,
देश 26 /11 के शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहा है,
राजीव शुक्ल को पाकिस्तान से क्रिकेट खेलने की पड़ी है।
मोदी जी यदि आप ने पाकिस्तान से क्रिकेट खिलाया तो,
देशवासियों को बहुत गुस्सा आयेगा,
आप का 56 इंच का सीना 26 इंच का रह जायेगा। रैना"

मेरा अपना बना नही कोई,
फिर भी उससे गिला नही कोई।
फूल खिलते चमन महक जाते,
फूल मन का खिला नही कोई।
आप कहते हमें यकीं होता,
वैसे मेरी ख़ता नही कोई।
लोग गैरों की बात कर लेते,
मेरा अपना पता नही कोई।
जान आफ़त में है अभी रैना"
दे दे राहत फ़िज़ा नही कोई। रैना"

शहीदों की क़ुरबानी को भुलाया जा नही सकता,
26 /11 के दाग को तो मिटाया जा नही सकता,
राजीव शुक्ला बेशर्मी की हद है कुछ तो शर्म करो,
दुश्मन से क्रिकेट का रिश्ता बनाया जा नही सकता। रैना"

Wednesday, November 25, 2015

मुझे आबाद होना है यही सपना सजाया है,जमाने को हटा पीछे तुझी से दिल लगाया है,
मुझे लगता खफ़ा हो तुम तभी तो बेरुखी इतनी,
बुलाया तो नही बोले न मुखड़ा ही दिखाया है। रैना"

वैष्णो माता की जय जय जय जय
हो रही जय जय कार,
वैष्णो मईया के दरबार।
बोलो जय जय माँ बोलो जय जय माँ।
बोलो जय जय ---------------------
खोल ले अपने मन के दवारे,
वैष्णो रानी आये घर में तुम्हारे,
घर महके मस्त बहार।
बोलो जय जय माँ ---------------
आंखों में माँ की मूरत बसा से,
खुद को भिक्षा लेने के काबिल बना ले,
तभी होगा तेरा उद्धार।
बोलो जय जय माँ --------रैना"
सुप्रभात जी -----------जय जय माँ 


दोस्तों ये मेरी ग़ज़ल आप के लिये

गम में भी खिल खिल के हंसने वाले,
 वो हैं मेरे दिल में बसने वाले।
उनकी बातें वो कम भाते हमको,
दिल की बातें दिल में रखने वाले।
सुन लेते चुप रह जाते हैं अक्सर,
दीवाने हम पर्दा ढकने वाले।
दुःख होता जब सोचे उनके बारे,
दोस्त बनते फनियर डसने वाले।
कुछ ऐसे भी जो बहकाते मुझको, 
इतनी जल्दी हम कब पटने वाले।
रैना"की मानो तुम्हारी मरजी,
लेकिन हम मय नाही चखने वाले। रैना"





हम नशे में चूर हो रहे है,
खुद ही खुद से दूर हो रहे है।
गर ख़ता नज़रों
दिल कभी मजबूर होता नही।          94160 76914
जिस्म में जान बाकी है,
मेरी पहचान बाकी है।
देख लू मैं बसी दुनिया,
दिल का अरमान बाकी है।
जिस्म ढल ही गया लेकिन,
दिल में तूफ़ान बाकी है।
 ये जहाँ ग़र्क़ हो जाता,
फ़क़त इन्सान बाकी है।
हर किसी को मिली उल्फ़त,
हम परेशान बाकी है। रैना"


Tuesday, November 24, 2015

वैष्णो महारानी की जय जय जय जय
जब कभी टूटते सपने माँ तेरी फिर याद आती है,
दर्द जब दिल में होता लबों पे फरियाद आती है,
हो अगर तेरी किरपा तो मंजर बदल जाये सारा,
याद आये तेरी हरपल जो बड़ी देर बाद आती है। रैना"
सुप्रभात जी ----------जय जय जय जय माँ 
बुझ जा शमा या जला दे मुझको,
मेरी वफ़ा का सिला दे मुझको।
मैं भटकता ही रहा हूं अक्सर,
मेरी मंजिल का पता दे मुझको।
मैंने कही बात अपने दिल की,
दिल में तेरे क्या बता दे मुझको।
कटती नही अब तंहा ये रातें,
अब हम जुबां तो मिला दे मुझको।
आबाद गुलशन करो तुम मेरा,
मैं सो रहा अब जगा दे मुझको।
कर दे अदा फ़र्ज़ अपना रैना"
काबिल इसी के बना दे मुझको। रैना"


Monday, November 23, 2015

तुम सामने इक बार आ जाओ,
मुद्दत से है इंतजार आ जाओ।
कुछ और तो हसरत नही मेरी,
करने तेरे दीदार आ जाओ।
भड़की हुई है आग दिल के घर,
जीना हुआ दुश्वार आ जाओ।
अब तिश्नगी दिल की नही बुझती,
हम पे करो उपकार आ जाओ।
वरना सफर जारी रहे वैसे,
होगा तभी भव पार आ जाओ।
है शाम ढलने को हुई रैना"
दूल्हा हुआ तैयार आ जाओ। 
वैष्णो माता की जय जय जय 
मेरी माँ वैष्णो माता दर्शन की अभिलाषा है,नैना तरसते मेरे दीवाना दिल ये प्यासा है,
तेरे सिवा भला मेरा कोई कर नही सकता,
सभी यहां लूटने वाले न देता कोई दिलाशा है।
सुप्रभात जी-----------------जय जय माँ 
मेरे बारे में कभी सोचता होगा,
रास्ता कोई मेरा देखता होगा।
दीद के ख़ातिर तंहा बैठ कर वो,
झील में पत्थर उठा फैंकता होगा। 
मैं परेशां चैन उसको मिले कैसे,
खैर मेरी कर दुआ मांगता होगा।
ख़्याल मेरा जब परेशान करता हो,
नींद में उठ कर तभी भागता होगा।
दाना ले माँ लौट आये अभी जल्दी,
भूखा बच्चा तो यही सोचता होगा।
कौन करता है यहां बात अब दिल की,
राज दिल का वो कही बेचता होगा।
आज रैना"फिर लगे है परेशां सा,
वो किसी को अब कही खोजता होगा।रैना"


Thursday, November 19, 2015

एक ग़ज़ल दोस्तों के नाम
दीवारें हिलती छत टपकती सी है,
ऐसी ही कुछ अपनी जिंदगी सी है।
हम ने रोती अक़्सर ख़ुशी देखी,
यूं गम से तो अपनी दोस्ती सी है।
बेशक़ है क़ाबिले तारीफ़ हर अदा,
मेरी जां की दुश्मन सादगी सी है। 
हंसना भूले रोना रास है हमें,
अपने हिस्से आई बेबसी सी है।
बैठे रहते हम इंतजार में सदा,
अपने घर आने वाली ख़ुशी सी है।
दर दर बेजा क्यों रैना"भटक रहे
माँ पे की सेवा भी बन्दगी सी है। रैना"

            मैं कौन
मैं कौन मेरी औकात क्या है,
धर्म मेरा मेरी जात क्या है।
अक्सर सोचता हूं तन्हा बैठ कर
लेकिन ??????????
मेरे सवाल का जवाब मुझे अधूरा सा मिलता है,
जिससे हम खुद को सन्तुष्ट नही कर पाते हैं,
अक्सर इस सवाल में उलझ रह जाते है,
मैं सोचता यदि मेरी जात धर्म ये है,
फिर उसकी जात घर्म वो क्यों है।
जब हम दोनों का जिस्म एक ही मिट्टी से बना है,
पांच तत्व नभ जल थल अग्नि हवा जब अस्तित्व हमारा,
फिर कैसे हुआ मैं उससे अलग न्यारा।
फिर हमें किसने उलझाया है,
क्या उसने ही चक्कर चलाया है।
फिर मैं सोचता वो ऐसा चक्कर क्यों चलायेगा,
अपने बच्चों को  आपस में क्यों लड़ायेगा।
 ये सब इंसान के  खुरापाती दिमाग की पैदाइश है,
जिससे वो अक्सर करता रहता जोर आजमाइश है।
मेरी इस हरकत देख कर वो भी मौन है,
वो मुझ से कहता है जान तू कौन है।
फिर वही सवाल मैं कौन हूं।


माँ ही करेगी उद्धार बेडा पार,
सुने गी पुकार,करेगी उपकार,
तू सच्चे मन से बोल इक बार।
जय जय माँ,जय जय वैष्णो माँ -----
दुःख हरती माँ,सुख करती है,
भक्तों की खाली,झोली भरती है,
मईया अर्ज करेगी स्वीकार।
तू सच्चे मन से बोल इक बार।
जय जय माँ,जय जय वैष्णो माँ -----
आदिशक्ति माँ के सारे रंग है,
रंग बदरंग सारे उसके ही ढंग है,
रैना"जोड़ ले मन के तार।
तू सच्चे मन से बोल इक बार,
जय जय माँ जय जय वैष्णो माँ --रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ



Wednesday, November 18, 2015

तेरे दिल में ठिकाना हो गया है,
दिल में तू ही आबाद है,
तू ही दुआ फरियाद है,
महबूब के जलवें हसीं,
रैना"हुआ दिलशाद है। रैना"

वैष्णो महारानी की जय जय जय
माँ वैष्णो जी बख्शो प्यार,
मोहे करने है तोरे दीदार,
माँ मोरी न करो इन्कार,
माँ चली आ इक बार।
यही फरियाद मेरी --माँ यही फरियाद ----
बेशक तेरी सारी दुनिया दिवानी माँ,
हमने तो अक्सर करी है नादानी माँ,
हम करते रहे तकरार,
अब जीना हुआ है दुश्वार,
माँ चली आ इक बार।
यही फरियाद मेरी --माँ यही फरियाद ----
ध्यानु का जैसे तूने किया कल्याण माँ,
ऐसे ही मेरा कुछ कर लो ध्यान माँ,
मैं जग से गया हूं माँ हार,
सुन लो मोरी पुकार।
माँ चली आ इक बार।
यही फरियाद मेरी --माँ यही फरियाद ----रैना"
सुप्रभात जी -------जय जय जय माँ

तेरी बंसी की मीठी मीठी तान,
काना मोहे प्यारी लागे,
जाऊ वारी वारी मैं तो कुर्बान,
काना मोहे प्यारी लागे।
तेरी बंसी की --------------
तेरी बंसी की धुन जब है बाजे,
नाचे मोरा अंग अंग रूह मोरी नाचे,
हुई भांवरी मैं जग ये हैरान।
काना मोहे प्यारी लागे।
तेरी बंसी की --------------
सांवरो रंग तोरो प्यारी प्यारी बतियां,
नींद न आवे मोहे सारी सारी रतियां,
आई मुश्किल में मोरी जान।
काना मोहे प्यारी लागे।
तेरी बंसी की -------"रैना"

जिन्दगी को नही मिले करीब से,
बात करते सदा मिले हबीब से।
आदमी की यही अदा कमाल है,
यार करता रहे गिला नसीब से।
खूब अन्दाज है हसीं जनाब के,
प्यार है बेशुमार जां रकीब से।
 फूल ख़ुश्बू बदल सके यकीं करो,
आजकल हादसें घटे अजीब से।
इश्क की आग में जले मरे नही,
डर नही अब लगे हमें सलीब से।
सोच ले हम सदा वफ़ा अदा करें,
बेहतर है यही बचे रहे फरेब से।

Tuesday, November 17, 2015


मस्त सी ठण्डी हवा कुछ ताजगी मिल जायेगी,
गांव में तो आज भी वो सादगी मिल जायेगी। 
छोड़ कर गर वो शहर को गांव में आ जायेगे,
कैद परिंदों को घड़ी पल जिन्दगी मिल जायेगी।
बांटते हैं जो ख़ुशी मुफ़्लिस गरीबों में कभी,
कर्म उन पे वो करेगा हर ख़ुशी मिल जायेगी। 
है सदा माँ बाप की ख़िदमत करे जो प्यार से,
फिर उसे तो गम नही है बन्दगी मिल जायेगी। 
मान ले तू बात रैना"शाम अब है ढल रही,
बैठ सागर के किनारे तिश्नगी मिल जायेगी। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय  जय
माँ भी आखिर कब तक साथ देगी,
तुम तो हाथों पे हाथ धरे बैठे रैना। रैना"
सुप्रभात जी -----------जय जय माँ 

दोस्तों की नजर कुछ खास
तब इक बहाना था बहुत दिल में बसाने के लिये,
अब सौ बहाने कम तुझे दिल से हटाने के लिये।
हम से खता वो क्या हुई जो रूठ कर बैठे सनम,
लाखों जतन काफ़ी नही उनको मनाने के लिये।
जिनको कभी हमने सिखाया क्या करे कैसे करे,
अफ़सोस वो तैयार अब हम को मिटाने के लिये।
आबाद गुलशन हो अगर उसकी नजर सीधी पड़े,
कैसे कहे करता सितम हमको सताने के लिये।
आबाद महंगाई हुई आराम मन का छिन गया,
हर शख्स गम से है परेशां घर चलाने के लिये।
रैना"परेशां चल दिया तेरा शहर ये छोड़ कर,
अब भूल कर कहना नही तू लौट आने के लिये। रैना"


Monday, November 16, 2015

आंखों की आंखों से जब तकरार हो जाये,
जंग जीते है फिर भी दिल की हार हो जाये,
ढूंढे तो लेकिन मिलती उसकी न दवा कोई,
इश्के रोग से पीड़ित दिल बीमार हो जाये। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय जय जय
मुख मोड़ ले माता सहारा मिल नही सकता,
गुलशन खिला लेकिन नजारा मिल नही सकता,
ये कर्म माता का बदल दे है मंजर सारा,
किरपा बिना  माँ के किनारा मिल नही सकता। रैना"
अब कुछ ऐसे इंकलाब होने चाहिये,
देश के दुश्मन बेनकाब होने चाहिये,
जो बेगुनाहो पे करते है अक्सर जुल्म,
उन पे तो हमले बेहिसाब होने चाहिये। रैना"
 न पीछे मुड़ के देखे वो दौड़ती जा रही है,भली महंगाई सब रिकॉर्ड तोड़ती जा रही है ,
मची हाहाकार हर शख्स बेजार लाचार है,
निशां बरबादी के रैना"छोड़ती जा रही है। रैना"

Sunday, November 15, 2015

इतना मुंह न खोलो दोस्तों,
डेंगू मच्छर बेघर घूमते है। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय जय
इबादत में कमी कोई लगे है रह गई माता,
तभी तो आंख मेरी नम ऐसे बह गई माता,
नही मन्जूर ये दूरी बड़ी मुश्किल हुई हमको,
कहे क्या जान मेरी ये बड़े दुःख सह रही माता। रैना"
सुप्रभात जी ----------------जय जय माँ

सरे महफ़िल में चर्चा यही है,
हसीं तुझ सा तो कोई नही है।
रखा है हुस्न का ये खजाना,
गंगा ऐ नूर तुझ से बही है।
करे हम जो सही गल्त होता,
करे तू जो वही तो सही है।
असर जिस पे सनम हो न तेरा,
यही सच है  न शै वो बनी है
करे तारीफ कैसे सनम की,
मेरा हमदम वही तो नबी है।
करे रैना"गुजारिश सुने तू,
लगन तेरी सजन अब लगी है।

कली मुरझा गई सूखी कभी भी खिल नही सकती,
नसीबों में न मशहूरी चुनाचे मिल नही सकती।
बहुत कम लोग हैं ऐसे हवा जो मोड़ देते है,
कही जो बात हो पक्की जुबां फिर हिल नही सकती। रैना"

Saturday, November 14, 2015

तमन्ना अब यही मेरी तेरे दीदार करने है,
बने हैं राह में जो बांध सारे पार करने है,

मिले पानी समुन्द्र में न कोई रोक सकता है,
मिली फुरसत सनम नैना तुझी से चार करने है। रैना"

वैष्णो माँ की जय जय जय
सुनो फरियाद मेरी माँ मिटा दो दुःख परेशानी,
खता क्या हो गई हम से खफ़ा है माँ महारानी,
भिखारी तेरे दर के है नही कोई ठिकाना माँ,
तेरी किरपा कटे मुश्किल करो माँ माफ़ नादानी। रैना"
सुप्रभात जी -----------------------जय जय माँ  

मेरी चरचा रहे तेरे रकीबों में,
करो शामिल मुझे अपने हबीबो में,
यही अरमान है दीदार कर ले हम,
करो बदलाव तुम मेरे नसीबों में। रैना"


Friday, November 13, 2015

वैष्णो माता की जय जय जय
वैष्णो रानी का सुंदर दरबार,
यहां बरसे है निरन्तर प्यार,
आ भक्ता बोल दे इक बार,
क्या ????????
जय माता की जय माता की।
जय माता की है बीज मन्त्र,
इससे बड़ा न कोई भी जन्त्र,
हर रोग का करे उपचार।
क्या ????????
जय माता की जय माता की। रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ 
तू बावफा तेरी नही कोई खता,
मुझको खबर तुझको पता मैं बेवफा।
वादे किये तोड़े सनम मस्ती रही,
सोचा नही खुद से किया मैंने दगा।
तू तू परे मैं मैं करे मन का पंछी,
दे दे उसे तू नाम की उसकी ग़िज़ा।
दूरी बढ़ी अपनी पड़ी दिल है जले,
मेरी तरफ़ कर दे कभी ठण्डी हवा।
रैना कहे कैसे रहे तेरे बिना,
पर्दा हटा मुखड़ा दिखा दिल की सदा।

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Thursday, November 12, 2015

भटकते है सब बेमतलब जाना कहां ये जाने न ,
उसकी करे पहचान कैसे जब खुद को पहचाने न।

मेरे मन में तेरा मन्दिर मुझे एहसास होता है,
नही रहता कभी तू दूर मेरे ही पास होता है।
समझ आती नही मुझको कहां ढूंढे तुझे कैसे,
बसे तू कौन सी नगरी कहां प्रवास होता है।
चले आओ कहे मीरा हुआ मुश्किल गुजारा है,
छुपे बैठे कहां काना बड़ा उपहास होता है।
मजा आता सताने में करे क्यों तंग दिवानों को,
उसे करता परेशां क्यों तेरा जो भी खास होता है।
कभी आ सामने बैठो करेगे गुफ्तगू तुझसे,
सुनेगा बात तू मेरी मुझे विश्वास होता है।
तुझे हम ढूंढते रहते मगर मिलते नही रहबर,
समझ आती नही तेरा कहां घर वास होता है।
कभी माँ से नही पूछा सहे है दर्द कितने माँ,
करे है त्याग फिर भी क्यों उसे बनवास होता है।

वैष्णो माँ की जय जय जय जय जय
करो मत देर मेरी माँ नही दुःख अब सहा जाता,
बड़ी मुश्किल परेशानी नही चुप भी रहा जाता,
नज़र आता नही कोई सभी ने साथ छोड़ा है,
दुखी मन क्या करे माँ नीर आंखों से बहा जाता। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ


इन्सान दगाबाज़ मुहब्बत न करे,
है कौन भला सा जो सियासत न करे,
लाचार हुआ रोग लगा फिर भी वही,
मतलब के बिना आज इनायत न करे। रैना"

ढलते जा रहे हो नये रिवाज में,
अच्छे लग रहे हो इस अंदाज में,
तुम तारीफ खुद हो हम कहे तो क्या,
आया है नया लुक अब मिजाज में। रैना"



Wednesday, November 11, 2015

वैष्णो माँ की जय जय जय 
वैष्णो मेरी माँ तेरे दम से जहाँ,
तू यहां तू वहां ढूंढते हम कहां। 
अर्श हो या धरा नूर तेरा चढ़ा,
दिन चढ़े रात हो हुक्म तेरा चला। 
है हवा जो चली तेरी रहमत भली,
है इशारा तेरा जो कली है खिली। 
टूट कर जो गिरा ये सितारा भला,
माँ खफा है हुई जान ले तू जरा। 
काम ऐसा करो याद दुनिया करे,
हो जिक्र तेरा शाम जब वो ढ़ले। रैना"
सुप्रभात जी---- ----जय जय माँ 

Tuesday, November 10, 2015

हां तेरे नाल प्यार होया,
ऐ दिल बेकरार होया,
अठ्ठो पहर हर वेले,
तेरा ही इन्तजार होया।
हां तेरे नाल ---------
ख्याल ते ख्वाब तेरे,
सवाल ते जवाब तेरे
अस्सा ते मर ही जाना,
जे तेरा इन्कार होया। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय जय जय
मन का अंधकार मिटाये,आओ दीप जलाये,
खुद को उस राह चलाये,आओ दीप जलाये।
कैसे होगा दूर अंधेरा,इस का ध्यान करे हम,
उल्फ़त के फूल खिलाये,आओ दीप जलाये।
कर ले हम ख्याल दिवाली का पैगाम ये है,
नफ़रत की आग बुझाये,आओ दीप जलाये।
एक सा है खून सभी का कोई न अलग है,
हम सबसे हाथ मिलाये आओ दीप जलाये।
रैना"तू सोच कभी तो क्यों आये यहां हम,
फिर खाली हाथ न जाये आओ दीप जलाये। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ हैप्पी दिवाली
 

दिवाली की चली जब बात तेरी याद आ पहुंची,

खूब किस्मत हुई नसीब मुझे
छोड़ कर चल दिये हबीब मुझे,
 इस शहर में वफ़ा उदास लगे,
गैर अपनों  से भी क़रीब मुझे। रैना"
पुरानी फर्द संभाले रखते हैं,
यूं दिल का दर्द संभाले रखते हैं,
कभी दिल चीर दिखाना पड़ सकता,
तभी हम कर्द संभाले रखते हैं। रैना"

समझदार हैं महबूब के कूचे के कुत्ते,
मुझे देखकर अब भोंकते नही है।
आप की तस्वीर को देख लिखा है
हुये मायूस क्यों इतने हुई वो क्या परेशानी है,
तुझे इस हाल में देखा हुई हम को  हैरानी है,
समझ में कुछ नही आता हुआ है हाल क्यों ऐसा,
किसी गम ने घेरा है या हुई मीरा दिवानी है। रैना"
जलेंगे दीप जब घर में अंधेरा मिट ही जायेगा,
मगर मन का अंधेरा तो न कोई भी मिटायेगा,
करेगा जो जतन मन के अंधेरे को मिटाने का,
नही कोई कमी उसको मिलन के गीत गायेगा। रैना"

Monday, November 9, 2015

लक्ष्मी माँ से विनम्र निवेदन

चली आओ मेरी माता आई फिर से दिवाली है,
बिना तेरे तो लक्ष्मी माँ दिवाली होत काली है।
बड़ी उलझन करे हम क्या न कोई बात बनती है,
किया जिसने कर्म हम पे चवन्नी ही उछाली है।
दिया हमने दिलाशा भी मगर बच्चें नही माने,
खड़ी घेरे मुझे पलटन मेरी तो जां निकाली है।
लड़ाई की है बीवी ने अंगूठी लेन के खातिर,
करू मैं क्या कहां जाऊ सभी की जेब खाली है।
सुनो रैना"की विनती माँ गरीबों के यहां आओ,
अमीरों के यहां हर रोज ही होती दिवाली है। रैना"



आखो पर चश्मा
भुने चने बिना छिलके वाले आधा किलो,
बादाम 100 ग्राम ,
काजू 100ग्राम 
छोटी इलायची 50 ग्राम ,
मगज 100 ग्राम ।(Magaz kehte h tarbooz ya kharbooje ki giri ko )
2 कूजा मिसरी या धागे वाली मिसरी 200 ग्राम
इन सब को पीस कर चूरण बना ले।
10 गराम सुबह लेकर दूध पी ले।
आखो पर लगा चश्मा उतर जायेगा।
विश्वास के साथ प्रयोग करे
बच्चो के लिए बहुत फायदे मन्द हें

वैष्णो महारानी की जय जय जय जय जय

मेरे सोते नसीबों को माँ बोलो कब जगाओगी,
छाई है गम की बदली माँ बताओ कब ह्टाओगी,
छाया है गुप अन्धेरा माँ लोग दीपक जलाते है,
मेरे मन नाम की ज्योति मेरी माँ कब जलाओगी। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------जय जय माँ 

Saturday, November 7, 2015

 मेरे मन में तेरा मन्दिर मुझे एहसास होता है,
खबर इतनी नही तू दूर मेरे ही पास होता है।
समझ आती नही मुझको कहां ढूंढे तुझे कैसे,
बसे तू कौन सी नगरी कहां प्रवास होता है।
चले आओ कहे मीरा हुआ मुश्किल गुजारा है,
छुपे बैठे कहां काना बड़ा उपहास होता है।
मजा आता सताने में करे क्यों तंग दिवानों को,
उसे करता परेशां क्यों तेरा जो भी खास होता है।
कभी आ सामने बैठो करेगे गुफ्तगू तुझसे,
सुनेगा बात तू मेरी मुझे विश्वास होता है।
तुझे हम ढूंढते रहते मगर मिलते नही रहबर,
समझ आती नही तेरा कहां घर वास होता है।
कभी माँ से नही पूछा सहे है दर्द कितने माँ,
करे है त्याग फिर भी क्यों उसे बनवास होता है।


वैष्णो माँ की जय जय जय जय जय
ठिकाना ये नही पक्का सभी को है खबर इतनी,
कदम हर पे परेशानी मिले मुश्किल जबर इतनी,
न कोई साथ है चलता अकेले ही हमें लड़ना,
कभी हम झांक ले मन में रखे पैनी नजर इतनी। रैना"
सुप्रभात जी---------------- ----जय जय माँ






वैष्णो माता जी की जय जय जय जय
बहुत ही दूर दर तेरा नही आसान आना माँ,
इशारा हो अगर तेरा बने तब ही बहाना माँ,
यही है इल्तजा अपनी करो मन्जूर विनती माँ,
मिले अब तेरे कदमों में दिवाने को ठिकाना माँ। रैना"
सुप्रभात जी ------ -----------------जय जय माँ

वक़्त जब होता बुरा मुश्किल में आये जान है,
हैं बेगाना कौन अपना हो तभी पहचान है।
जिन्दगी का फ़ल्सफ़ा है समझना मुश्किल बड़ा,
है समझ आये उसे जिसको अंतर का ज्ञान है।
बुजुर्गों का मान ओ सम्मान जिस घर में नही,
है सही उस घर कभी आता नही भगवान है।
तोड़ता रहता सदा ही जोड़ता तो है नही,
है फ़िकर अपनी न कोई आदमी नादान है।
खौफ खाता है उजाला अब अंधेरा मौज में,
हादसों से है डरा सा आज का इन्सान है।
अब यहां महफूज गुन्चा है नही इस बाग़ में,
हाथ में चाबुक लिये अब घूमता शैतान है।
रात दिन है दौड़ता फिर भी कमी रहती बनी,
सोच कर रैना"यही तो हो रहा हैरान है।









बाद मेरे तू हमें तो याद मत करना,
तेरे आंसू तू कभी बरबाद मत करना,
हम नही तेरे रहम ओ प्यार के काबिल,
रैन" तुझसे फिर मिले फरियाद मत करना। रैना"

टूटा हुआ चिराग हूं मैं जल नही सकता,
अफ़सोस







Friday, November 6, 2015

वैष्णो महारानी की जय जय जय
हमें रहमत की दरकार माता जी,
करो अब हम पे उपकार माता जी,
जरूरत है नही हमको खजाने की,
हमें करने है फ़क़त दीदार माता जी।
गिला शिकवा नही विनती हमारी है,
करो अब अर्ज ये स्वीकार माता जी।
कमी छोड़ी नही बरसात ख़ुशी की है,
हुआ गुलशन मेरा गुलजार माता जी।
करे किरपा जिसे चरणों से लगाये है,
तंगी उसको नही उस पार माता जी।
सजा दरबार अब पूजा की तैयारी,
चली आओ यहां इक बार माता जी।
गुजारिश कर रहा रैना करो किरपा,
हमें बख्शो सदा ही प्यार माता जी। रैना"
सुप्रभात जी------- ----जय जय माँ 


Thursday, November 5, 2015

दोस्तों के नाम चार लाइन
नही मिलता तेरे जैसा,जिसे अपना कहू दिलबर,
नही जब घर मेरा कोई कहां फिर मैं रहू दिलबर,
तुझे चिन्ता नही मेरी परेशां इसलिये रहता,
जुदाई की घनी पीड़ा भला कैसे सहू दिलबर। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय जय 
यहां देखू वहां देखू,असर तेरा जहां देखू।
करो किरपा ठिकाना दो,
कटे अच्छी बहाना दो।
हमें तेरा सहारा माँ,
न बिन तेरे गुजारा माँ।
तेरा जलवा दिखा दो माँ,
करा दो चुप हंसा दो माँ।
मेरी विनती दुआ माता,
चले ठण्डी हवा माता।
मेरी माँ सुख अता करदो,
सभी का माँ भला कर दो। रैना"
सुप्रभात जी --जय जय माँ



उठा जो दर्द है दिल में,नही कोई दवा उसकी,
बसाया था जिसे दिल में कहे कैसे खता उसकी।
धुंआ उठता चिरागों से बुझे तो हो गई मुद्दत,
खता की दिल लगाने की मिली है ये सजा उसकी।
करे शिकवा गिला खुद से नही उससे शिकायत है,
तसल्ली दे रहे खुद को यही तो है रजा उसकी।
लगी है भीड़ ये देखो सभी को है पड़ी अपनी,
करे धोखा बड़े बेदर्द भूले है वफ़ा उसकी।
परेशां हो गये हम तो कहां उसका ठिकाना है,
करे पर्दा हसीं दिलबर बुरी है ये अदा उसकी।
करे खुद से किनारा तो मिले रैना"तुझे दिलबर,
यही अन्दाज उसका है चुनांचे ये अदा उसकी।


Wednesday, November 4, 2015

वैष्णो माँ की जय जय जय जय जय
हुआ आबाद ये गुलशन ये जो महकी क्यारी है,
कर्म तेरा वैष्णो माता महक सबसे ही न्यारी है,
हमें दो दान भक्ति का यही अरमान है हसरत,
नही कुछ और मांगे माँ यही विनती हमारी है। रैना"
सुप्रभात जी -----------जय जय माँ 

Tuesday, November 3, 2015



छोड़ जाओ मगर याद रखना,
अश्क मोती हैं बिखरने न दे,
राग गम के तू छिड़ने न दे
रिश्ते होते कच्चे सुत्त के जैसे,
रख संभाले इनको टूटने न दे। रैना"

आप ने हमे ग्रुप में शामिल कर लिया,
हम तो बिमारी है,
ढेड किवंटल से भारी है,
फ़टे पुरानों के व्यापारी है।
माल हड़पने की लगी रहती,
हम तो बाबू सरकारी है।
माँ बेचारी कुछ न बोले,
बीवी कहती हम मदारी है।
फिर भी आप ने ग्रुप में रखना तो रखो,
सहमति पूरी हमारी है। रैना"

 तुझ पे फ़िदा दिल जान से आशिक तेरे ही दिवाने हैं
 दिल में मेरे रहता है तू फिर क्या वजह हम बेगाने हैं।
 दुनिया मेरे कदमों में तुझसे जीतना है बड़ा मुश्किल,
बेशक शमा की आग ने परवाने अक्सर मिटाने हैं।
गर तुम समझ सकते हो समझो लफ्ज मोती पिरोये हैं,
हारे सिपाही की कहानी दर्द के बंध सुनाने है।
सब वक्त गुजरा भूल जाते याद रखते फ़क़त  मतलब को,
अपने जहंन में तो अभी जिन्दा वो गुजरे जमाने हैं।
है चेहरा अब चेहरे के पीछे इन्सान रंग बदले,
करना गुजारा क्या करे मजबूर ने रंग दिखाने हैं।
सोचे तबीबो है परेशां किसलिये क्यों दवा करदे,
अब तो फरेबी लोग सारे हो गये अति सयाने है।
कहते नही कुछ चुप रहें आदत ऐसी ही हुई अपनी,
हम भूल कर भी तो न भूले याद किस्से पुराने हैं।
दोस्त यकीं काबिल नही दिल तोड़ के हंसते है,
मन्जूर कर ली है रजा उसकी  फर्ज तो निभाने हैं।
गिल ये समझ में कुछ नही आता कहां जा रहे सारे,
है दूर कितनी नाही पता उस किस नगर में ठिकाने हैं। गिल




देख के अपनी हालत हमें तो खूब रोना आया,
मैं अकेला खुद को इक मंडी में खड़ा था पाया,
हम बिके गे हमने तो मन कुछ ऐसा बनाया,
हम बिकते अफ़सोस किसी ने मोल न लगाया। रैना"


वैष्णो माँ की जय जय जय जय जय
वैष्णो माता प्यारी,तू जगत महतारी,
तुझे पूजे दुनिया सारी,विनती सुन ले हमारी।
हम आये हैं तेरे दरबार,
ले के श्रदा सुमन आपार,
भव से पार कर दे,
मेरी अर्ज करो स्वीकार।
भव से पार कर दे,

हम आये हैं ------------------------
ध्यानु को तारा तूने तारा को तारा है,
देव देवताओं को भी दिया सहारा है,
माँ सब पे करे उपकार।
भव से पार कर दे,
हम आये हैं ------------------------
रैना"लेने भिक्षा तेरे दर आया है,
मत ठुकरा माता तेरा ही जाया है,
मोहे बख्शो अपना प्यार।
भव से पार कर दे,
हम आये हैं -----------------"रैना"
सुप्रभात जी -------------जय जय माँ


Monday, November 2, 2015

दीवारों के कान होत्ते है,ये तो सच है,
लेकिन अब दीवारें देख भी लेती है। रैना"
आंख बंद कर ख्वाब मत देखना तुम,
आंख खुलती ख्वाब तो टूट जाते,
है खुली आंखो से सपने जो देखे,
है मंजिल वो खास ही लोग पाते। रैना"
आजकल वो तो हमारी तरफ न देखते है,
फूल की चाहत हमारी वो पत्थर फैंकते है,
अफ़सोस दूर खड़े ठंड से ठिठुरते रहते हैं,
वो पास खड़े हो कर आग भी न सेकते है।  रैना"
 आज बेमौसम ही घर बरसात हुई है,
आप की रहमत रहनुमा से बात हुई है। रैना"

Sunday, November 1, 2015

यहां फुरसत नही किसी को ,
वक्त तो निकालना पड़ता है।

जब तलक दम रहे जोर सब लगाते है,
मेहनत तब शुरू होती जब थक जाते है। रैना"

वैष्णो माँ की जय जय जय जय जय
गुफ़ा में बैठ मेरी माँ जहाँ पे राज करती है,
न करती भेंद माँ वैष्णो सभी के काज करती है,
जमीं अर्श सागर पर मेरी माँ की हकूमत है,
लगन जिसको लगी उसके हवाले ताज करती है। रैना"
सुपरबहत जी ------------------जय जय माँ



आजकल मैं कुछ अलग खास कर रहा हूं,
बात उसका साथ प्रयास कर रहा हूं। 
मेरा चेहरा क्यों जर्द समझे,
काश कोई मेरा दर्द समझे। रैना"

इस हवा में मेरी माँ की दुआ का असर है,
वरना हरगिज ये हवा महकी न होती। रैना"