Monday, November 9, 2015


वैष्णो महारानी की जय जय जय जय जय

मेरे सोते नसीबों को माँ बोलो कब जगाओगी,
छाई है गम की बदली माँ बताओ कब ह्टाओगी,
छाया है गुप अन्धेरा माँ लोग दीपक जलाते है,
मेरे मन नाम की ज्योति मेरी माँ कब जलाओगी। रैना"
सुप्रभात जी ---------------------जय जय माँ 

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