Sunday, November 1, 2015


वैष्णो माँ की जय जय जय जय जय
गुफ़ा में बैठ मेरी माँ जहाँ पे राज करती है,
न करती भेंद माँ वैष्णो सभी के काज करती है,
जमीं अर्श सागर पर मेरी माँ की हकूमत है,
लगन जिसको लगी उसके हवाले ताज करती है। रैना"
सुपरबहत जी ------------------जय जय माँ



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