Wednesday, November 4, 2015

वैष्णो माँ की जय जय जय जय जय
हुआ आबाद ये गुलशन ये जो महकी क्यारी है,
कर्म तेरा वैष्णो माता महक सबसे ही न्यारी है,
हमें दो दान भक्ति का यही अरमान है हसरत,
नही कुछ और मांगे माँ यही विनती हमारी है। रैना"
सुप्रभात जी -----------जय जय माँ 

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