वैष्णो महारानी की जय जय जय
हमें रहमत की दरकार माता जी,
करो अब हम पे उपकार माता जी,
जरूरत है नही हमको खजाने की,
हमें करने है फ़क़त दीदार माता जी।
गिला शिकवा नही विनती हमारी है,
करो अब अर्ज ये स्वीकार माता जी।
कमी छोड़ी नही बरसात ख़ुशी की है,
हुआ गुलशन मेरा गुलजार माता जी।
करे किरपा जिसे चरणों से लगाये है,
तंगी उसको नही उस पार माता जी।
सजा दरबार अब पूजा की तैयारी,
चली आओ यहां इक बार माता जी।
गुजारिश कर रहा रैना करो किरपा,
हमें बख्शो सदा ही प्यार माता जी। रैना"
सुप्रभात जी------- ----जय जय माँ
हमें रहमत की दरकार माता जी,
करो अब हम पे उपकार माता जी,
जरूरत है नही हमको खजाने की,
हमें करने है फ़क़त दीदार माता जी।
गिला शिकवा नही विनती हमारी है,
करो अब अर्ज ये स्वीकार माता जी।
कमी छोड़ी नही बरसात ख़ुशी की है,
हुआ गुलशन मेरा गुलजार माता जी।
करे किरपा जिसे चरणों से लगाये है,
तंगी उसको नही उस पार माता जी।
सजा दरबार अब पूजा की तैयारी,
चली आओ यहां इक बार माता जी।
गुजारिश कर रहा रैना करो किरपा,
हमें बख्शो सदा ही प्यार माता जी। रैना"
सुप्रभात जी------- ----जय जय माँ
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