तमन्ना अब यही मेरी तेरे दीदार करने है,
बने हैं राह में जो बांध सारे पार करने है,
मिले पानी समुन्द्र में न कोई रोक सकता है,
मिली फुरसत सनम नैना तुझी से चार करने है। रैना"
बने हैं राह में जो बांध सारे पार करने है,
मिले पानी समुन्द्र में न कोई रोक सकता है,
मिली फुरसत सनम नैना तुझी से चार करने है। रैना"
No comments:
Post a Comment