वैष्णो माँ की जय जय जय जय
मुख मोड़ ले माता सहारा मिल नही सकता,
गुलशन खिला लेकिन नजारा मिल नही सकता,
ये कर्म माता का बदल दे है मंजर सारा,
किरपा बिना माँ के किनारा मिल नही सकता। रैना"
मुख मोड़ ले माता सहारा मिल नही सकता,
गुलशन खिला लेकिन नजारा मिल नही सकता,
ये कर्म माता का बदल दे है मंजर सारा,
किरपा बिना माँ के किनारा मिल नही सकता। रैना"
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