Thursday, December 31, 2015


नववर्ष की शुभकामनायें
वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी माँ नये वर्ष में कुछ तो कमाल करना,
अपने बच्चों का हर संभव ख्याल करना।
वर्ष 2016 में आबाद हो सबका गुलशन,
हर घर में माँ खुशियों की धमाल करना।
हर किसी के पंखों को देना उड़ान ऊंची,
हल हर किसी के मन का सवाल करना।
इक अरसे से जिन्हे दरकार तेरी रहमत,
बख्शना उनको माँ उन्हें खुशहाल करना।
रैना"जैसे जी रहे मुद्द्त से तंगहाली में,
माँ इस वर्ष उन्हें भक्ति से मालामाल करना। रैना"
सुप्रभात जी-----------------जय जय माँ

ख्वाब हमने देखना छोड़ा,
तेरे बारे सोचना छोड़ा।
हम खता पे है खता करते,
जब से तूने टोकना छोड़ा।
हर घड़ी अब भटकता रहता,
दिल को हमने रोकना छोड़ा।
हम गली से तेरी गुजरे पर,
अब कुत्तों ने भौंकना छोड़ा।

साल भर इंतजार तेरा मगर तुम नही आये,देखना 2016 भी ऐसे ही न बीत जाये,
दम हर आहट पे निकला हम उठ उठ के दौड़े,
दरिया के जैसे आंसू याद में तेरी हैं बहाये।
इश्क की आग ने देखो जलाया तन बदन मेरा,
मेरे बारे नही सोचा अंगारें और हैं दहकाये।
है अभी आस तो इतनी न मेरा विश्वास टूटा है,
तेज आंधी से बचा कर के दीप हमने हैं जलाये।
यही मांगे दुआ अब तो तेरा आबाद गुलशन हो,
महके कली 2016 में तेरी बिगड़ी संवर जाये। रैना"
जिकर करना नही अब तो पुराने साल का यारों,
नया ये साल कहता है नया कुछ कर दिखाना है,
करेंगे दूर नफ़रत को मुहब्बत को बसायेंगे,
मिटे मन से अंधेरा दीप मन में अब जलाना है।
वतन का नाम हो ऊंचा यही चाहत तमन्ना है,
शहीदों ने कभी देखा वो सपना ही सजाना है।
चले हम नेक रस्ते पर हमारी आस्था पक्की,
सही ये देश में अब राम का ही राज लाना है।
कभी रैना"नही होती अगर मन में उजाला हो,
करो उसकी इबादत तुम अगर भव पार जाना है। रैना"

Wednesday, December 30, 2015

दोस्तों नये साल के उपलक्ष्य में

नये इस साल की सबको बधाई हो मेरे यारों,
ख़ुशी सबके लिये उसने सजाई हो मेरे यारों।
मिले बिछुड़े पुराने यार उल्फ़त की बहे गंगा,
कहीं हो जश्न शादी का सगाई हो मेरे यारों।
खत्म हो दौर मन्दी का मिटे चिन्ता परेशानी,
दुकानें चल पड़े अच्छी कमाई हो मेरे यारों।
रहे भूखा न कोई भी नया ये साल हो ऐसा,
दुखी मुफ़्लिस मरीजों की दवाई हो मेरे यारों।
करे रैना"गुजारिश दे सभी को दान भक्ती का,
भली माँ बाप की सेवा भलाई हो मेरे यारो। रैना"


माँ वैष्णो की जय जय जय
वैष्णो माँ की किरपा से हुआ रोशन जहाँ सारा,
ये महके खूब ही जलवें हसीन अदभुत है नजारा,
माँ के दरबार जो आये मिले उसके मन को शांति,
ख्वाहिश होती है पूरी चमके किस्मत का सितारा।रैना"
सुप्रभात जी -------------------------जय जय माँ

हमें अब तुम नही मिलते 

Tuesday, December 29, 2015

वैष्णो माँ की जय जय जय
मिले मन को अति शांति वैष्णो के दरबार में,
दिवाने भक्त भजन गाते डूबे हैं माँ के प्यार में,
न मुश्किल कोई परेशानी चढ़ाई चढ़ रहे सारे,
भला तीर्थ माँ का मन्दिर इस सारे संसार में।रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ  





दोस्तों के लिए कुछ खास
बैठ तन्हा सोचना क्यों किसलिये आना हुआ,
जो मुसाफिर जा रहे हैं किस शहर जाना हुआ।
जिन्दगी तुझको मिली है क्यों भला ये किसलिये,
जान कर अनजान बनता खुद से बेगाना हुआ।
होश अपनी खो गया है देख दुनिया की चमक,
दुःख तुझे जो दे रहे तू उसका दीवाना हुआ।
तेरे हिस्से में अंधेरे ही रहेंगे जान ले,
मतलबी है वो शमा तू जिसका परवाना हुआ।
दूर तक तू देख ले काली अंधेरी रात है,
रिन्द मस्ती में रहे प्यारा तो मयखाना हुआ।
आज के इस दौर में उसकी पतंग ऊँची चढ़ी,
हैं फरेबी जो बड़ा शैतान हो माना हुआ।
रैन रैना"होने लगी कुछ तो चिंता कर ले अभी,
जान मुश्किल में पड़ेगी जब वहां जाना हुआ। रैना"


टूट कर गिरते सितारें ये हमें समझाते हैं,
गौर करना जिन्दगी में दिन बुरे भी आते हैं।
फूल खिलते रंग अनेकों वो चमन महकाते हैं,
वक्त की जब मार पड़ती वो भी मुरझा जाते हैं।
टूट कर बिखरें पत्तें हो कर दुखी फरमाते हैं,
आंधियों से जो लड़े वो ठोकरें भी खाते हैं। 
मिट्टी कहती मिट्टी से काये गुमां तू करती है,
तेरा मेरा साथ बाकी झूठे रिश्ते नाते हैं। 
रैना इतना जान ले तू फरिश्तें जब आते हैं,
बांधते रस्सी क़िसी की पालकी ले जाते हैं।रैना"

Monday, December 28, 2015

वैष्णो माँ की जय जय कार
मेरी माँ वैष्णो  माँ मेरी जां मेरी जां,
मेहरबां मेहरबां मेरी माँ मेहरबां।
मेरी माँ मेरी -----------------
जो दर पे आये सवाली,वो लौटे न खाली,
खाली भर दे झोली,माँ की अदा निराली,
करे रोशन जहाँ,मेरी माँ मेरी माँ।
मेरी माँ मेरी माँ ------------------"रैना"



दोस्तों दोस्तों देखना
बेवफ़ा इस जमाने से दिल अब लगाना नही,
यार से बिन मिले लौट के हम को जाना नही।
जी रहे लोग खुद को जिंदा मार कर अब यहां,
लाश हमने कंधों पे तो हरगिज उठाना नही।
इस कदर हैं परेशान अब लोग इस ढाणी के,
जी रहे लोग मरने का मिलता बहाना नही।
फ़क़त उपहास ही तय उड़ाये जहाँ वाले अब,
बात दिल की कभी भी किसी को बताना नही।
दर्द आहें मिले अश्क दस्तूर है इश्क का,
रैन तू नैन हरगिज किसी से लड़ाना नही।   रैना"

Sunday, December 27, 2015

वैष्णो माँ की जय जय जय
यही हसरत मेरी माता तेरा दीदार हो जाये,
मेरा वीरान ये गुलशन गुले गुलजार हो जाये,
करू हरपल तेरा गुणगान मेरी माँ वैष्णो रानी,
मेरी टूटी हुई कश्ती भी भव से पार हो जाये। रैना"
सुप्रभात जी ----------------------जय जय माँ  
देश वासियों के नाम ये पैगाम
हम हिंदुस्तानी यही पहचान अपनी,
कम होने नही देते कभी शान अपनी।
इंसाफ की राह चलते पीछे नही हटते,
हमको प्यारी नही होती जान अपनी।
प्राण जाये पर वचन नही जाने देते,
पलटने देते न कभी जुबान अपनी।
आँधियों से टकराना हमारी फितरत,
हम मिटने देते न कभी आन अपनी।
अनेकता में एकता यही अंदाज अपना,
देश के लिये कर दे जां कुर्बान अपनी।
रैना"कहता सुन ले वरना पछतायेगा,
बंद करदे आतंकवाद की दुकान अपनी। रैना"


Saturday, December 26, 2015

वैष्णो माँ की ऐ जय जय
इबादत मैं करू दिन रात रहमत तुम करो माता,
जले मन में चिरागां हाथ सिर पे तो धरो माता,
भिखारी तेरे दर के हम हमें खाली न लौटाना,
दे दे माँ दान भक्ती का मेरी झोली भरो माता। रैना"
सुप्रभात जी ------------------- जय जय माँ 
यूं लोग तो हमें हरदम मिलते है,
अपने मिजाज से पर कम मिलते हैं।
हालात ही बुरे अब तो दुनिया के,
कुछ फासला रखे से हम मिलते हैं।
हैं पूछते परेशां हैरां आशिक,
क्यों इश्क में सदा ही गम मिलते हैं।
मिलती ख़ुशी नसीबा जिनके अच्छे, 
यूं बदनसीब नैना नम मिलते है।
ये दिल भला बचे कैसे बिन उलझे,
जब जुल्फ में बड़े ही खम मिलते हैं।
रैना"मरे भला क्यों किसके खातिर,
अब लोग इस शहर के बेदम मिलते हैं। रैना"


Friday, December 25, 2015

मोदी जी आप का चर्चा तो हम आम करते है,
लेकिन अब आप की दलेरी को सलाम करते है।
आप ने भारत के बुझदिल नेताओं को चौंकाया है,
पकिस्तान को उसके घर जाकर सब समझाया है।
भारत के हिस्से में अब कुछ तो खास आया है,
विश्व को भारत की ताकत का एहसास करवाया है।
मोदी जी बुझदिल ही आप के विरोध में खिलाफ है,
ये सिद्ध हो गया मोदी दिलदार की नीयत साफ है।
आज का इन्सान तो बहती धारा के साथ बहता है,
लेकिन " रैना"हमेशा से दिलदारों के साथ रहता है। रैना"



वैष्णो माँ की जय जय जय
करो रोशन मेरे मन को अंधेरा है घना छाया,
गुजारिश है यही माता दुखी मन मेरा घबराया,
नजर आता नही कोई जिसे अपना कहेंगे हम,
किनारा कर जहाँ से अब परेशां तेरे दर आया। रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ
दोस्तों इक बार पढ़ना जरूर

किसी की क्यों सुने कोई सभी को है पड़ी अपनी,
हमें भी है नही चिन्ता नज़र उससे लड़ी अपनी।
बिना रहमत से उसकी तो इनायत हो नही सकती,
सनम ने कर दी है किरपा पतंग ऊंची चढ़ी अपनी।
नसीबों का असर होता मिले जो आम को मन्जिल,
नज़र तो वक़्त की सीधी तभी अच्छी घड़ी अपनी।
कभी भी गांव में मेरे नही होती लड़ाई है,
करे है प्यार की बारिस लगे बोली खड़ी अपनी।
नही रैना"कभी सोचा अभी तो शाम ढलनी है,
करी जब सोच आगे की बहुत ही जां डरी अपनी। रैना"

Thursday, December 24, 2015





सदन में अब मसीहा के तमाशे रोज होते हैं,
नये हर दिन ठगी के तो खुलाशे रोज होते हैं।
वतन की सोचते कम ही लगी अपनी ही रहती है,
मरे जनता मसीहा के दिलाशे रोज होते है।
जवां है खूब महंगाई नही खर्चे चले घर के,
घरों में अब जरा देखो धमाके रोज होते है।
नही बुझती लबों की तिश्नगी हर पल जवां रहती,
दिवाने रिन्द बेपरवाह तो प्यासे रोज होते हैं।
हुई "रैना"लगी चिन्ता अंधेरा है घना छाया,
कभी तू सोचता इतनी उजाले रोज होते हैं। रैना"


वैष्णो माता तेरी जय जय कार
मेरी माता मुझे तेरे सहारे की जरूरत है,
करो माँ कर्म मुझ पे अब मिली मुश्किल से फुरसत है,
करू गुणगान मैं तेरा लगाऊ ध्यान मैं तेरा,
तेरी किरपा हुई मुझ पे करी तुझ से मुहब्बत है। रैना"
सुप्रभात जी -------------------जय जय माँ


काश तुझको ये खबर हो तू आया क्यों किसलिये,
जिस्म हमने खूबसूरत है पाया क्यों किसलिये,
तेरा मक़सद क्या पता तू जान कर अनजान है,
पूछ ले माँ से कभी तो तू जाया क्यों किसलिये। रैना" 

Monday, December 21, 2015

जनहित में जारी
जले थे जो कभी मन में दीप वो बुझा दिये हमने,
चमच्चें याद रहे हमको शहीद भुला दिये हमने,
जिनका पेट नही भरता अपने खातिर ही रोते है,
ये गलती हमारी है ऐसे मसीहा बना दिये हमने। रैना"
वैष्णो माँ तेरी जय जय कार
तेरी रहमत हुई किरपा जो महका है चमन मेरा,
मिटी चिन्ता न दुःख कोई हुआ साथी अमन मेरा,
मेरी माता किया तूने कर्म मुझ पे यही सच है,
सजे है ख़्वाब मेरे अब जमीं मेरी गगन मेरा। रैना"
सुप्रभात जी --------------------जय जय माँ 
बिन तेरे भी हम जी लेंगे,
जहरे जिंदगी को पी लेंगे।
जख्म दिल पे जो लगे हैं,
वक़्त के धागे से सी लेंगे। रैना"
आज फिर रो रो कर कहती है निर्भय की आत्मा,
तूने क्यों मुझे जन्म दिया भारत में परमात्मा।
अफ़सोस मरने के बाद भी मेरा दिल तोड़ दिया है,
खूंखार अपराधी को बच्चा समझ छोड़ दिया है।
उस बच्चे ने मेरे जीवन का सर्वनाश किया है,
कानून कहता बच्चे ने जुर्म न ये खास किया है।
खैर कानून ने तो अपने हिसाब से फैसला लेना,
हे भगवान भारत में लड़की को जन्म मत देना। रैना"
हैं तरसती आंखे तेरे दीदार को,
आये नही अब चैन दिल बेजार को,
अफ़सोस तू है बेखबर हम है दुखी,
अब ठेस सी लगती मेरे एतबार को। रैना"

 

Friday, December 18, 2015


बुरा न मानो सर्दी है
देखो कुछ लोगों की सलेक्शन राइट हो गई,
उन्हें पैदल चलना था उनकी फ़्लाइट हो गई,
भ्रष्टाचार के विरोधी अब भ्रष्टाचार के साथ,
खांसी मफ़रल गायब पेन्ट खूब टाइट हो गई। रैना"


Monday, December 14, 2015

वतन की बात जब चलती थोड़ा मुरझा जाते है,
विदेश की बात जब चलती तो मुस्करा जाते है,
कमी कोई न भारत में सिर्फ व्यवस्था ठीक नही,
हम सब खुद को व्यवस्था का हिस्सा बना जाते है। रैना" 
वैष्णो माँ की जय जय
गर तू चाहे तो तस्वीर बदल दे माँ,
बेबस दुखी की तकदीर बदल दे माँ,
तेरी कृपा से कुछ भी असंभव नही,
विधि की लिखी तहरीर बदल दे माँ। रैना"
सुप्रभात जी -----------जय जय माँ



जब नज़र तेरी निशानी आएगी,
याद मुझको वो कहानी आएगी।
बाग़ का माली यही हैं सोचता,
क्या कभी गुल पे जवानी आएगी।
लौट कर आये बहारें जब कभी,
फिर हवा में वो रवानी आएगी।
इश्क आसान तो हरगिज नही,
याद तुझको तेरी नानी आएगी। रैना"












Saturday, December 12, 2015

जय माँ वैष्णो
मेरी मईया के दरबार,बरसे माँ का प्यार,
झोलियां भरो भक्तों,झोलियां भरो भक्तों।
बैठी गुफ़ा में आसान सजाये,
भक्तों को अपने गले से लगाये,
यहां खुशियां मिले आपार।
झोलियां भरो भक्तों,झोलियां भरो भक्तों। रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ 
इस दिल को बेकरार किसी ने नहीं किया ⛳
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जीवन को खुश बहार किसी ने नही किया,
क्यों खुद से इश्क प्यार किसी ने नही किया।
दावा करे तमाम मुलाकात उस से की,
दीदार सच में यार किसी ने नही किया।
बेशक उसे हमेश लगन चाह सी रही,
अफ़सोस इन्तजार किसी ने नही किया।
है झूठ पसंद लोग मुहब्बत करे नही,
आबाद वो संसार किसी ने नही किया।
कब शाम हो हसीन किसी को खबर नही,
दिल इश्क का बिमार किसी ने नही किया।
है झूठ के महल बनाते सभी यहां,
भव आजतक तो पार किसी ने नही किया। रैना"




फकीरों पे नही कुछ दुआ के सिवा,
न कोई चाह होती हवा के सिवा।
बुरा कहना किसी को गवारा नही,
नजर कुछ भी न आये खुदा के सिवा। रैना"





Friday, December 11, 2015

वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी माँ जी करो काबिल तेरा गुणगान कर ले हम,
बने जीवन खरा मोती तेरा कुछ ध्यान कर ले हम,
कटे मुश्किल मिटे दुखड़े तेरी किरपा से हो सम्भव,
तेरी रहमत की हो वर्षा पूरे अरमान कर ले हम। रैना"
सुप्रभात जी --------------------------जय जय माँ

Thursday, December 10, 2015


इस दिल को बेकरार किसी ने नहीं किया ⛳
बहर👎👎👎👎👎

🌟🌟 221 2121 1221 212 🌟🌟
जीवन को खुश बहार किसी ने नही किया,
क्यों खुद से इश्क प्यार किसी ने नही किया।
आबाद है तमाम 


देश के खातिर करेगा जो काम नेक सा,
सब अदब से ही लिया करे फिर नाम नेक सा,
सब वतन के वास्ते कुछ कर ले जरूर ही,
कर भला तो हो भला ये पैगाम नेक सा। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय जय
तेरे सहारे के लिये,
भटके किनारे के लिये,
माँ कर्म क्यों करती नही,
तरसे नजारे के लिये।
सुप्रभात जी --जय जय माँ 

दोस्तों ये पढ़ना सब की बात

जहां देखा जिधर देखा,
फ़क़त तेरा असर देखा।
नही कोई फ़िकर चिन्ता,
इंसां को बेखबर देखा।
नही है चैन पल भर भी,
परेशां हर बशर देखा।
ठिकाना है नही कोई,
फकीरों का न घर देखा।
सभी हद पार करते अब,
न उसका ख़ौफ़ डर देखा।
किसी की याद आ जाती
पुराना जब शज़र देखा।
सही हमने बहुत पीड़ा,
न तूने क्यों इधर देखा।
करे रैना'गुजारिश ये,
दिखा तेरा न दर देखा। रैना"







गर वफ़ा न सही तू जफ़ा कर दे,
नब्ज़ देख मेरी तू दवा कर दे। 
आग इश्क की बुझती हुई लगती,
छोड़ जिद्द तू कुछ तो हवा कर दे। 
काश दर्द मेरा तुम समझ सकते,
फर्ज दोस्ती का तो अदा कर दे। 
मेरा घर न रहा पास तेरे तो,
रूह से तू मुझे अब जुदा कर दे। 
बेपनाह मुहब्बत करी तुझ से,
हंस के देख मुझे तू फ़ना कर दे। 
आज रीनू""गिला भी नही करती,
हम मरेंगे यही बस दुआ कर दे। रैना'




Wednesday, December 9, 2015


दोस्तों की नज़र
ज्यादा किसी को कम है,
यूं हर किसी को गम है।
चाहे हंसे है लब ये,
हर आँख गीली नम है।
कोई मिला तो रोये,
ये दर्द जुदा हमदम है।
बच्चे पढ़े तो अच्छा,
अब हाथ में क्यों बम है।
जिनको नही कुछ लेना,
बेशर्म रैना"हम है। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी माता कर्म मुझे पे हुआ तेरा न्यारा है,
रहा गम न फ़िक्र कोई मिला तेरा सहारा है,
तेरे दीदार की हसरत करो ये भी कमी पूरी,
हमें वो देखना माँ मेरी दिलकश नजारा है। रैना"
सुप्रभात जी -----------------जय जय माँ 

दोस्तों सुबह सुबह आप की नज़र

फकीरों में हमें शामिल कर दिया,
दुआओं ने ही इस काबिल कर दिया।
हसीं जलवें करें हैं बेहाल दिल,
अदाओं ने हमें पागल कर दिया।
सहे है तीर तुझको क्या पता,
निगाहों ने हमें बिस्मिल कर दिया।
नही था होश मदहोशी में रहे,
जमाने ने हमें कामिल कर दिया।
नज़र तेरी कभी होगी इस तरफ,
बयां हमने सभी दाखिल कर दिया। रैना"
बिस्मिल=घायल
कामिल =होशियार


चौबीस राजपूत को समर्पित

कबीले तारीफ़ है सत्कार चौबीस का,
न भूलेंगे हम कभी प्यार चौबीस का।
मेजर अमित व मलिक बेमिसाल है,
कर्नल पूरी लाजवाब सरदार चौबीस का।
जवान ओ जेसीओ यूनिट की शान है,
एस एम त्रिलोकी दिलदार चौबीस का।
बलिदानी से हरगिज न कभी पीछे हटेंगे,
यही तो है भारत देश से करार चौबीस का।
रैना"मांगता दुआ मालिक से हरपल यही,
खुशियों से महकता रहे संसार चौबीस का। रैना"

Monday, December 7, 2015

तबीयत मेरी हरी करदे,
सजा से मुझे बरी करदे।
अभी तो खोटा सिक्का,

वैष्णो रानी माँ की जय जय जय 
वैष्णो मईया के दरबार में तुझे सबकुछ मिल जायेगा,मुरझाया फूल तेरे मन का भला फिर से खिल जायेगा ,
तुझे करना यही इतना माँ के चरणों से प्रीत लगा रैना"
तेरे मन में उजाला हो नाम का वो दीपक जल जायेगा। रैना"
सुप्रभात जी -------------------------------जय जय माँ 
दोस्तों देखना आप को पसंद आई के नही
तूने हमें अक्सर रुलाया बहुत है,
ये दर्द हमने भी छुपाया बहुत है।
है बेवफा या बावफ़ा तू बता दे,
कातिल अदा ने दिल सताया बहुत है।
सीरत नही अब लोग देखे सूरत,
इन्सान ने खुद को गिराया बहुत है।
खिदमत करें माँ बाप की फर्ज ये है,
माँ बाप ने तो दुःख उठाया बहुत है।
है आदमी ही गल्त जो सो रहा है,
आवाज़ दे उसने जगाया बहुत है।
रैना"भला तुझसे गिला क्यों करेगा,
मुश्किल घड़ी तूने हंसाया बहुत है। रैना"

Sunday, December 6, 2015

सफ़ाई घर की करो पहले,
गली फिर साफ कर लेना ,
इक पैगाम दोस्तों आप के नाम
सफाई इसलिये जरूरी बचेगी जान अपनी ही,
गली हो साफ मोहल्ले की बढ़ेगी शान अपनी ही,
साफ मन को कर लो तुम ये रस्ता है भलाई का,
बेहतर हो यही अच्छा रखो अब ध्यान सफाई का। रैना"
वैष्णो माता तेरी जय जय कार
यही फरियाद है माता करो उद्धार बच्चों का,
बिना तेरे नही लगता सफ़ीना पार बच्चों का,
गुजारिश वैष्णो माता करो दुःख दूर मेरी माँ,
करो रहमत सुखी होगा भला संसार बच्चों का। रैना"
सुप्रभात जी ---------------जय जय माँ 
रफ़्ता रफ़्ता सूरज तो ढल रहा है,
हल्का सा कुछ दिल में जल रहा है।
छोड़ी हमने चाहत जुस्तजू भी,
अरमां मिलने का क्यों पल रहा है।
तू कैसे जानेगा ये बता तो,
दिल के घर में अब क्या चल रहा है।
उस घर में कुछ हलचल सी लगे है,
लगता कोई कपड़े बदल रहा है।




दोस्तों इक और लिखी ग़ज़ल आप के लिये

हाथ छूटा अफ़सोस मिलने से पहले,
ख़्वाब टूटा है आँख खुलने से पहले।
बाग़ के मेहरबान कुछ सोच तो कर,
टूट जाती हैं कलियां खिलने से पहले।
रात की चिन्ता तो बहुत ही फ़िकर है,
खूब रोती है शाम ढलने से पहले।
फिर कभी तुझको दर्द होता न दुःख ही,
सोच लेता गर गल्त करने से पहले।
रैन" तैयारी कर वहां हैं ठिकाना,
बांध ले तोशा घर को चलने से पहले। रैना"





सफ़ीना टूट कर बिखरा किनारा मिल नही सकता,
किसे हम हमसफर कह दे सहारा मिल नही सकता।
बड़ा मुश्किल हुआ जीना नही कोई भरोसा है,
करे जो बात दम वाली वो प्यारा मिल नही सकता।
रहे बेताब दिल मेरा किसी की याद आती है,
कभी जो यार अपना था हमारा मिल नही सकता।
खड़े तैनात सीमा पर जवानों की बड़ी हिम्मत,
बिना उनके हमें हरगिज नजारा मिल नही सकता।
वफ़ा की बात जब चलती ज़िकर तेरा सभी करते,
बिना तेरे अंधेरे में उजारा मिल नही सकता।
नसीबा भी परेशां है भला अब खोल दरवाजें,
कहीं डूबे बिना तेरे शिकारा मिल नही सकता। रैना"


                                     राजेन्द्र शर्मा "रैना"
                                      बराड़ा (अम्बाला )
                                     94160 76914


Saturday, December 5, 2015

बुरा वक़्त अब चल रहा है किसी पे न विश्वास कर,
कटे जिन्दगी चैन से तब 
वैष्णो माँ की जय जय जय
मेरी माँ तेरे दर से न कभी कोई लौटा खाली है,
फिर क्यों एक मुद्दत से परेशान खड़ा सवाली है,
मेरा भी दुःख दूर कर दो सुनो अब वैष्णो माता,
भिखारी हम तेरे दर के तू सारे जग की वाली है।रैना"
सुप्रभात जी -----------------------जय जय माँ 

जब चांदनी ने ली अंगड़ाई होगी,
इन फूलों ने फिजा महकाई होगी,
तब मस्ती में बैठ मेरे मालिक ने,
ये खूबसूरत जोड़ी बनाई होगी। रैना"
देश भारत का ज़िकर अब बहुत है,
यूं नजर सबकी इधरअब  बहुत है,
अब रकीबों की तबीयत बुरी है,
देश की मुझको फ़िकर अब बहुत है। रैना"

Friday, December 4, 2015

दोस्तों के लिय खास
कोई गिला नही जो तू मिला नही,
अफ़सोस हो रहा गुल क्यों खिला नही।
है बेवफा जहाँ मतलब से प्यार है,
मिलता यहां वफ़ा का भी सिला नही।
देखो शहर में क्या ऊँचे महल बने,
इनमें बदन जले ताजा हवा नही।
गर साफ़ मन नही कैसे मिले तुझे,
उससे मिले तू क्या खुद से मिला नही।
कल रात मर गया वो आदमी बड़ा,
उसकी मजल के संग कोई चला नही।
रैना"यही गिला खुद के नसीब से,
उसने मुझे ख़ुशी का संग दिया नही। रैना"








वैष्णो माँ की जय जय जय जय
वैष्णो माँ का सुंदर दरबार,हो रही जय जय कार,
माँ भक्तो में बांटे है प्यार,हो रही जय जय कार।
हो रही जय जय कार-----------------------
इक बार जो भी माँ के दर पे आ गया,
नाम की दौलत खजाना वो पा गया,
माँ वैष्णो करे उपकार।
हो रही जय जय कार---------------
रैना"माँ की किरपा से दुःख हुआ दूर है,
जीवन में आ गया अलग सा सरूर है,
कश्ती हो जाये भव से पार।
हो रही जय जय कार ------रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ
भौंकते कुत्तो को हरगिज न रोकिये,
यदि कोई मजबूरी हो तो रोटी डालिये,
गर फिर भी न बात बने तो बोटी डालिये। रैना"

दोस्तों देखना पसंद आई के नही

भीड़ से चाहे खुद को  दूर रखा करो,
साथ में चार दोस्त जरूर रखा करो।
लूट जाये सब मगर फिर भी फ़िक्र नही,
बात में कशिश चेहरे पे नूर रखा करो।
जो शहर में न जाने कोई बात ही नही,
कूचे में अपने खुद को मशहूर रखा करो।
आइना देख कर ही इन्सान बहकता,
पाल के न दिल में तुम फितूर रखा करो।
बेस्वाद जीना भला क्या रैना"ये जीना,
हो अलग अन्दाज सा कुछ सरूर रखा करो। रैना"

Thursday, December 3, 2015

जय माँ वैष्णो रानी की
हम ढूंढते है जीवन में बहार मेरी माँ,
कब मिलेगा हमको तेरा प्यार मेरी माँ,
मुद्दत से है हमें तेरा इन्तजार मेरी माँ,
कश्ती अटकी है बीच मझदार मेरी माँ। रैना"
सुप्रभात जी ------------------जय जय माँ 

Wednesday, December 2, 2015

वैष्णो माँ तेरी जय जय जय
बरसे तेरा प्यार माँ जय जय,
दिल को मेरे करार माँ जय जय
मेरा करो उद्धार माँ जय जय,
करने तेरे दीदार माँ जय जय,
मुझ पे करो उपकार माँ जय जय,
दुनिया की सरकार माँ जय जय
,कर देती भव पार माँ जय जय,
दर्श को आये दवार माँ जय जय,
आओ गुफा से बाहर माँ जय जय ,
झलक दिखा इक बार माँ जय जय ,
माँ जय जय जय माँ जय जय जय। रैना"
सुप्रभात जी---------जय जय माँ 
दोस्तों पढ़ कर देखना कैसी लगी रचना

नारें तो बस नारें हैं तू नारों पे न जा,
चार दिन की बहारें है बहारों पे न जा।
पानी के जैसे हर रंग में ढलना सीख ले,
टूट कर फना हो होगा सितारों पे न जा।
दिवारों के कान होते ये अक्सर कहते लोग,
अपनों से चौकन्ना रह दिवारों पे न जा।
धरती अब तक वीरों से न खाली मेरे यार,
देश भक्तों की गिनती कर गद्दारों पे न जा।
कौम की खिदमत करने वाले होते दो चार,
बात वफ़ा की करने अब हजारों पे न जा।
हारे हैं जो दिल की बाजी क्या देंगे सकून,
हंस हंस के रुला दें ग़मगुसारों पे न जा।
लगन लगी रैना"को उसको पाने की इच्छा,
पकड़ ले उसका दामन यूं गवारों पे  न जा। रैना"
करारी घूप में भी लुटन का डर लगे है,
करू मैं रात का चर्चा संभव ही नही है।
बहुत ही दर्द मिलता है शहर की गली में,
तबीबों वो बने जिनको अनूभव ही नही है।
शहर पत्थर के करते बात फूलों की अक्सर,
मरे है मौत सब अपनी मगर शव नही है।
पड़ेगा तैरना सब को यही बात सच्ची,


राजेन्द्र शर्मा "रैना" / 94160 76914

हुये हैं हादसें कितने भला कैसे कहेंगे हम,
मिला है दर्द तन्हाई उसे हंस के सहेंगे हम।
हवा ठण्डी सी जब चलती दबा वो दर्द है उठता,
बहे आंखो से यूं आंसू लगे उनमें बहेंगे हम।
करी चुगली दिवारों ने बना ये खेल बिगड़ा है,
लगे अब तो यही होना यूं ही हंसते रहेंगे हम।
न मिलता हमनवा कोई शिकायत है यही मेरी,
मगर उसको नही चिन्ता कहे तो क्या कहेंगे हम।
मुझे रोना नही आता कमी बस है यही मेरी,
हंसेगे लोग उस दिन भी यहां से जब चलेंगे हम। रैना"

Tuesday, December 1, 2015


जय जय जय माँ वैष्णो जी
वैष्णो माँ मेरी सुन सदा कर्म कर,
तेरे दर का भिखारी परेशान है,
मेरे बारे कभी क्यों नही सोचती,
तेरा बच्चा यही सोच हैरान है।
तेरी रहमत हुई रात काली कटी,
ये उजाला हुआ जो मिला ज्ञान है।
जिन्दगी चल रही कुछ कमी है नही,
दीद तेरे बिना मन ये बेचैन है।
मेरी हसरत यही दूर कर दे कमी,
तू मिले गुल खिले "रैन" अरमान है।
सुप्रभात जी -----------जय जय माँ

आप की आंख में ये नमी किसलिए बर्फ दिल में बता ये जमी किसलिए।
उसने बख्शा तुझे आम सबकुछ दिया,
फिर रखे तू भला वो कमी किसलिए।

दोस्तों ध्यान से पढ़ना  कमेंट्स भी करना
यदि अच्छी लगे तो

घटती घटनायें विचलित ध्यान कर देती,
दिल पे लगी चोट ता उम्र परेशान कर देती।
इस बस्ती के लोगों का रहन सहन है कैसा,
घरों में उठी दीवारें सबकुछ ब्यान कर देती।
प्यार की बारिश तो गुलशन को महका दे,
भाइयों की लड़ाई गुलशन वीरान कर देती।
सिर्फ परवाना ही न जल जल कर है मरता,
शमा भी तो अपना सबकुछ कुर्बान कर देती।
भारतीय नारी की ये बड़ी खासियत तो देखो,
कैसा भी हो अपने पति को भगवान कर देती।
दौलत जरूरी मगर दौलत के लिये गिरना नही,
दौलत इन्सान को अक्सर शैतान कर देती।
बारूद की दुर्गन्द न हो गोलियों की आवाजें,
काश बदली ऋतु इन्सान को इन्सान कर देती। रैना"@@copy
 दिनांक -30/11/2015 94160 76914
खुद को निराश कर लिया है,
झूठों पे विश्वास कर लिया है।
दिल पे लगे दाग छूटते नही,
मैंने अथक प्रयास कर लिया है।
खैर उससे दिल लगा कर मैंने,
अपने लिये ये खास कर लिया।
ग़म में भी मुझे गम नही है,
मैंने इम्ताहं पास कर लिया है।
वो रहता हरपल साथ में मेरे,
मैंने ऐसा एहसास कर लिया है।
वाह क्या खूब अदा इंसान की,
खुद ने खुद का उपहास कर लिया है।
रैना"तूने क्या लेना इस दुनिया से,
उसने दिल में वास कर लिया है। रैना"





चिरागां जब जले मन में तभी होता उजाला है,
बिना रोशन हुये मन के अंधेरा स्याह काला है।
अभी तो खूब फुरसत है चढ़ी मस्ती दिवाना मन,
ढ़ले जब शाम मुश्किल हो पड़े गैरों से पाला है।
नही तुझको खबर कोई गुमां करता बता किसका,
जरा तू खोल ले उसको लगा जो मन पे ताला है।
रहे है साथ में हरपल लिखे करनी तेरी कथनी,
नही की मेहनत तूने नसीबों को उछाला है।
चढ़े रंग नाम का मन पे तभी महके चमन तेरा,
मिले रैना" नसीबों से हसीं जामे नाम प्याला है।


काले अंग्रेज फिर मशग़ल अपने भजन में,
फिर कोई भगत सिंह फेंके गा बम सदन में।
बेटी बचाने का संकल्प कैसे कोई निभायेगा,
लड़के वालों ने मांगी लेग्जरिरि कार शगुन में।
सिर उठाने की हिम्मत भी नही बाकी है बची,
फिर भी हर कोई सोचे छेद करने को गगन में।
आज का इन्सान सेल्फ़ी अपने बारे सोचता,
फर्क बहुत आ गया अब देश भक्ति लगन में।
ऊँचे दरवाजों से अब तो बौने लोग गुजरते,
देश के मसीहा अब लगे देश को ठगन में।
माँ भारती की यही पुकार काश कोई सुना करे,
हर कोई है लगा हुआ इज्जत की खनन में। रैना"@@@
94160 76914