दोस्तों देखना आप को पसंद आई के नही
तूने हमें अक्सर रुलाया बहुत है,
ये दर्द हमने भी छुपाया बहुत है।
है बेवफा या बावफ़ा तू बता दे,
कातिल अदा ने दिल सताया बहुत है।
सीरत नही अब लोग देखे सूरत,
इन्सान ने खुद को गिराया बहुत है।
खिदमत करें माँ बाप की फर्ज ये है,
माँ बाप ने तो दुःख उठाया बहुत है।
है आदमी ही गल्त जो सो रहा है,
आवाज़ दे उसने जगाया बहुत है।
रैना"भला तुझसे गिला क्यों करेगा,
मुश्किल घड़ी तूने हंसाया बहुत है। रैना"
तूने हमें अक्सर रुलाया बहुत है,
ये दर्द हमने भी छुपाया बहुत है।
है बेवफा या बावफ़ा तू बता दे,
कातिल अदा ने दिल सताया बहुत है।
सीरत नही अब लोग देखे सूरत,
इन्सान ने खुद को गिराया बहुत है।
खिदमत करें माँ बाप की फर्ज ये है,
माँ बाप ने तो दुःख उठाया बहुत है।
है आदमी ही गल्त जो सो रहा है,
आवाज़ दे उसने जगाया बहुत है।
रैना"भला तुझसे गिला क्यों करेगा,
मुश्किल घड़ी तूने हंसाया बहुत है। रैना"
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