खुद को निराश कर लिया है,
झूठों पे विश्वास कर लिया है।
दिल पे लगे दाग छूटते नही,
मैंने अथक प्रयास कर लिया है।
खैर उससे दिल लगा कर मैंने,
अपने लिये ये खास कर लिया।
ग़म में भी मुझे गम नही है,
मैंने इम्ताहं पास कर लिया है।
वो रहता हरपल साथ में मेरे,
मैंने ऐसा एहसास कर लिया है।
वाह क्या खूब अदा इंसान की,
खुद ने खुद का उपहास कर लिया है।
रैना"तूने क्या लेना इस दुनिया से,
उसने दिल में वास कर लिया है। रैना"
झूठों पे विश्वास कर लिया है।
दिल पे लगे दाग छूटते नही,
मैंने अथक प्रयास कर लिया है।
खैर उससे दिल लगा कर मैंने,
अपने लिये ये खास कर लिया।
ग़म में भी मुझे गम नही है,
मैंने इम्ताहं पास कर लिया है।
वो रहता हरपल साथ में मेरे,
मैंने ऐसा एहसास कर लिया है।
वाह क्या खूब अदा इंसान की,
खुद ने खुद का उपहास कर लिया है।
रैना"तूने क्या लेना इस दुनिया से,
उसने दिल में वास कर लिया है। रैना"
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