Saturday, December 12, 2015

जय माँ वैष्णो
मेरी मईया के दरबार,बरसे माँ का प्यार,
झोलियां भरो भक्तों,झोलियां भरो भक्तों।
बैठी गुफ़ा में आसान सजाये,
भक्तों को अपने गले से लगाये,
यहां खुशियां मिले आपार।
झोलियां भरो भक्तों,झोलियां भरो भक्तों। रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ 

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