वैष्णो माँ की जय जय जय जय
वैष्णो माँ का सुंदर दरबार,हो रही जय जय कार,
माँ भक्तो में बांटे है प्यार,हो रही जय जय कार।
हो रही जय जय कार-----------------------
इक बार जो भी माँ के दर पे आ गया,
नाम की दौलत खजाना वो पा गया,
माँ वैष्णो करे उपकार।
हो रही जय जय कार---------------
रैना"माँ की किरपा से दुःख हुआ दूर है,
जीवन में आ गया अलग सा सरूर है,
कश्ती हो जाये भव से पार।
हो रही जय जय कार ------रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ
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