गर वफ़ा न सही तू जफ़ा कर दे,
नब्ज़ देख मेरी तू दवा कर दे।
आग इश्क की बुझती हुई लगती,
छोड़ जिद्द तू कुछ तो हवा कर दे।
काश दर्द मेरा तुम समझ सकते,
फर्ज दोस्ती का तो अदा कर दे।
मेरा घर न रहा पास तेरे तो,
रूह से तू मुझे अब जुदा कर दे।
बेपनाह मुहब्बत करी तुझ से,
हंस के देख मुझे तू फ़ना कर दे।
आज रीनू""गिला भी नही करती,
हम मरेंगे यही बस दुआ कर दे। रैना'
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