वतन की बात जब चलती थोड़ा मुरझा जाते है,
विदेश की बात जब चलती तो मुस्करा जाते है,
कमी कोई न भारत में सिर्फ व्यवस्था ठीक नही,
हम सब खुद को व्यवस्था का हिस्सा बना जाते है। रैना"
विदेश की बात जब चलती तो मुस्करा जाते है,
कमी कोई न भारत में सिर्फ व्यवस्था ठीक नही,
हम सब खुद को व्यवस्था का हिस्सा बना जाते है। रैना"
No comments:
Post a Comment