Thursday, December 31, 2015

साल भर इंतजार तेरा मगर तुम नही आये,देखना 2016 भी ऐसे ही न बीत जाये,
दम हर आहट पे निकला हम उठ उठ के दौड़े,
दरिया के जैसे आंसू याद में तेरी हैं बहाये।
इश्क की आग ने देखो जलाया तन बदन मेरा,
मेरे बारे नही सोचा अंगारें और हैं दहकाये।
है अभी आस तो इतनी न मेरा विश्वास टूटा है,
तेज आंधी से बचा कर के दीप हमने हैं जलाये।
यही मांगे दुआ अब तो तेरा आबाद गुलशन हो,
महके कली 2016 में तेरी बिगड़ी संवर जाये। रैना"

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