Sunday, December 27, 2015

देश वासियों के नाम ये पैगाम
हम हिंदुस्तानी यही पहचान अपनी,
कम होने नही देते कभी शान अपनी।
इंसाफ की राह चलते पीछे नही हटते,
हमको प्यारी नही होती जान अपनी।
प्राण जाये पर वचन नही जाने देते,
पलटने देते न कभी जुबान अपनी।
आँधियों से टकराना हमारी फितरत,
हम मिटने देते न कभी आन अपनी।
अनेकता में एकता यही अंदाज अपना,
देश के लिये कर दे जां कुर्बान अपनी।
रैना"कहता सुन ले वरना पछतायेगा,
बंद करदे आतंकवाद की दुकान अपनी। रैना"


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