दोस्तों सुबह सुबह आप की नज़र
फकीरों में हमें शामिल कर दिया,
दुआओं ने ही इस काबिल कर दिया।
हसीं जलवें करें हैं बेहाल दिल,
अदाओं ने हमें पागल कर दिया।
सहे है तीर तुझको क्या पता,
निगाहों ने हमें बिस्मिल कर दिया।
नही था होश मदहोशी में रहे,
जमाने ने हमें कामिल कर दिया।
नज़र तेरी कभी होगी इस तरफ,
बयां हमने सभी दाखिल कर दिया। रैना"
बिस्मिल=घायल
कामिल =होशियार
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