Saturday, December 26, 2015

वैष्णो माँ की ऐ जय जय
इबादत मैं करू दिन रात रहमत तुम करो माता,
जले मन में चिरागां हाथ सिर पे तो धरो माता,
भिखारी तेरे दर के हम हमें खाली न लौटाना,
दे दे माँ दान भक्ती का मेरी झोली भरो माता। रैना"
सुप्रभात जी ------------------- जय जय माँ 

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