rajindersharmaraina
Thursday, December 10, 2015
वैष्णो माँ की जय जय जय
तेरे सहारे के लिये,
भटके किनारे के लिये,
माँ कर्म क्यों करती नही,
तरसे नजारे के लिये।
सुप्रभात जी --जय जय माँ
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment