Sunday, January 31, 2016

छोटा बड़ा है नही कोई उस के घर में,
स्वार्थ साधने के लिए क्यों शोर मचा रखा है। रैना"
वैष्णो माँ की जय जय जयकार
यही गम है मेरी माता जमाना रास नही आया,
कहे यूं जी रहे जीवन मज़ा कुछ ख़ास नही आया,
कहीं गैरों ने तोड़ा दिल कहीं अपने खफा रहते,
मुसीबत ने कहर ढाया न कोई पास तब आया।
अब तेरा सहारा वैष्णो रानी चरणों से लगाये रखना, रैना"
सुप्रभात जी ------------------------जय जय माँ   

दिल पे लगे जख्मों का हिसाब नही है,
हिस्से में फिर भी कोई ख़िताब नही है।
दंग हो रहा वो सुन कर सवाल मिरे ये,
यूं पास उसके इनका जवाब नही है।
यूं हम नशे में रहते अंदाज यही है,
वैसे कभी हमने पी शराब नही है।
अब देख मौसम करता मिजाज अलग से,
फ़िलहाल इन्सां को तो हिजाब नही है।
 है सोच तेरी में फ़र्क बात यही सच,
रैना"जमाना हरगिज ख़राब नही है। रैना"

Saturday, January 30, 2016


   नफरत दिवारें खड़ी करती दूरी भी बढ़ाती है,
ये ऐसी नागिन जो अपने बच्चें खुद खा जाती है,
मोहब्बत दिल में प्यार का मीठा दर्द जगाती है,
अपने क्या गैर को भी हंस के गले से लगाती है।रैना"
जय जय माँ वैष्णो
दे हिम्मत मेरी वैष्णो माँ सच का दामन न छोड़ू,
दीन दुखिया की करू सेवा किसी का दिल न तोडू,
कटे तेरी बन्दगी में जीवन यही फरियाद मेरी माँ,
चले नेक रस्ते पर रैना" टूटे हुये धागें हरपल जोडू। रैना"
सुप्रभात जी -----------------------जय जय माँ 
भाजपा के सुशासन से खास कर क्षेत्र बराड़ा में कुशासन की दुर्गन्ध तेजी से फैलती जा रही है।
मजबूर हो कर अधिकारीयों को अपने फोन नंबर जारी करने पड़ रहे है।
ये तो पता है दुर्गन्ध फ़ैलाने वाले कोन हैं,
इस पर सब के सब चुप पूरी तरह मोन है। रैना"

भाई साहिब जी अपनी भी सबसे मुलाकात है,
यहां तो सिर्फ सुशासन,कुशासन की ही बात है। रैना"

खैर अधिकारी अपनी ड्यूटी तो निभाते हैं,
पर यहां के कार्यालय सराय से नजर आते है,


कोई नही भूलता किसी को लेकिन ???
वक़्त के सामने सब को सिर झुकाना पड़ता है। 


मैं की हस्ती फ़ना कर दे,
खुद को खुद से जुदा कर दे।
जिन्दगी है नयामत सी,
उसकी उस पे फ़िदा कर दे।
दर्द जालिम उठा दिल में,
सुन तबीबो दवा कर दे।
इश्क की राह मुश्किल है,
वो मिले ये दुआ कर दे।
नैन सोते नही शब भर,
नींद मुझको अता कर दे।
चैन से मौत आ जाये,
दिल से अब तू विदा कर दे।
कर रही है हवन सांसें,
होम खुद को फ़ना कर दे। रैना"

Friday, January 29, 2016

वैष्णो रानी माँ जी जय जय जय
शेर पे हो के सवार,मईया जी इक बार,
दर्शन दे दो माँ,दर्शन दे दो माँ,
मेरा जीवन सफल हो जाये,
वीरान चमन महकाये।
दर्शन दे दो माँ,दर्शन दे दो माँ,
जीवन का हर पल हुआ बेनूर है,
पास हो कर भी माँ तू बैठी दूर है,
रैना"अपना दर्द है सुनाये।
दर्शन दे दो माँ,दर्शन दे दो माँ।रैना"
सुप्रभात जी --जय जय माँ



पास हो कर दूर रहता है वफ़ा कैसी तेरी,
कर रही मुझको दिवाना ये हवा कैसी तेरी।
देख कर तूने किया सजिदा कई ही बार है,
दर्द दिल का कम न होता ये दवा कैसी तेरी।
मौत मेरी है सगी फिर भी डरे हम तो बहुत,
कुछ समझ आता नही ये है रजा कैसी तेरी।
रात हो जब चांदनी तो चांद यौवन पे हुआ,
छा गये बादल घनेरे ये अदा कैसी तेरी।
नाम तेरा जब लिया मन को सकूं सा मिल गया,
कैद पिंजरे में किया है ये सजा कैसी तेरी। रैना"


Thursday, January 28, 2016

वैष्णो माँ की जय जयकार
वैष्णो रानी माता मेरी मेहरा वाली माता,
जगजननी मेरी शेरावाली माता,
हम पे भी तेरा उपकार करना,
माँ दीदार करना तेरा दीदार करना।
उपकार करना माँ उपकार ----------
ध्यानु को तारा तूने तारा को तारा है,
दीन दुखिया को माँ दिया सहारा है,
हमको भी भव से पार करना।
उपकार करना माँ उपकार --------रैना"
सुप्रभात जी -----जय जय माँ

दोस्तों आप के लिए ख़ास
प्यार मेरा हमनवा मुझको खुदा सा लगे,
है इबादत वो मिरी सच में दुआ सा लगे।
वो नजर आता नही फिर भी ये एहसास है,
सांस मेरी उसके दम से वो हवा सा लगे।
चाँद सूरज ओ सितारें खूब महकी धरा,
हुस्न के जलवें हसीं दिलकश अदा सा लगे।
साथ में रहता मगर वो बात करता नही,
ये समझ आती नही क्यों है खफ़ा सा लगे।
काश रैना'को मिले उसकी वफ़ा का सिला,
जिन्दगी की हर घड़ी पल खुशनुमा सा लगे। रैना"

Wednesday, January 27, 2016

दोस्तों छोटी बहर की ग़ज़ल आप के लिए

इश्क उल्फ़त जो करे हैं,
मौत से पहले मरे हैं।
जी रहे इन्सान वैसे,
सूली पे अक्सर चढ़े हैं।
आदमी का हाल देखो,
हर कदम पे जंग लड़े हैं।
भूल कर बैठा हमे तू,
राह तेरी हम पड़े हैं।
कर इनायत हमनवा तू,
जोड़ कर कर हम खड़े हैं।
हादसें यूं हो रहे हैं,
देख कर ये हम डरे हैं।
जान रैना सच यही है,
ग़म सदा आशिक जरे हैं। रैना"


दोस्तों देखना आप की नजर
यही हम सोचते अक्सर कभी वो बात हो जाये,
मिलन साजन से करना है भले ही रात हो जाये।
बंजर दिल की धरा प्यासी न बरसा नीर मुद्दत से,
सनम गर हंस के बोले तो तभी  बरसात हो जाये।
चढ़ा है नूर यौवन का जमीं पे पां नही टिकते,
तमन्ना है यही दिल की अभी शुभरात हो जाये।
परिन्दा कैद है लेकिन बड़ी ही चाह उड़ने की,
करो रहमत बलम अब रैन"भी विख्यात हो जाये। रैना"



कब तक जले किसी की याद में,
इंतजार की भी कोई हद होती है।रैना"

Tuesday, January 26, 2016

जाते जाते भला कर दे,
मुझको दिल से जुदा कर दे।
देर मत कर मुझे मरना,
 मेरी हस्ती फ़ना कर दे।
चैन से मौत आ जाये,
फर्ज इतना अता  कर दे,
मर के भी खुली आंखें,
दरद होता दवा कर दे।
भूल जाते करे क्या हम,
याद तेरी हवा कर दे।
छोड़ दे अब जिद्द तेरी,
बेवफ़ा तू वफ़ा कर दे।
फिर न तू याद आये जो,
ऐसी कोई खता कर दे। रैना"



अधिकतर गंजों के हाथ में अक्सर कंघी होती है,
करे ढकने का प्रयास टेंट फिर भी नंगी होती है।
भारत देश में बुढ़ापा तो एक कलंक के सम्मान,
क्योकिं की बुजुर्गों के साथ बहुत ही मंदी होती है।
कभी सियासतदानों की बात पे भरोसा मत करना,
इनसे ज्यादा जुबां की पक्की कोठे की रंडी होती है।
जो घर नही देखा वही भला लगता जरूर है दोस्त,
महंगाई के दौर में हर घर में पैसे की तंगी होती है। रैना"

वैष्णो माँ तेरी जय जयकार
अम्बे वैष्णो माँ मेरी,
कब होगी किरपा तेरी,
हम तो मईया कब से हैं आस लगाये बैठे,
तेरी माँ प्यारी मूर्त मन में है सजाये बैठे।
कुछ समझो माँ मजबूरी,
कम कर दो बीच की दूरी। रैना"
सुप्रभात जी --जय जय माँ

Monday, January 25, 2016

दोस्तों इक ग़ज़ल आप के नाम
भटका हुआ मुसाफिर मन्जिल ढूंढता है,
टूटा हुआ सफ़ीना साहिल ढूंढता है।
अब रास आ गया अन्धेरा क्या करे दिल,
खिलती हुई सुबह में काज़ल ढूंढता है।
हिम्मत जवाब दे लेकिन गैरत बची है,
बेमौत मर सके वो कातिल ढूंढता है।
क्यों इस मकान की चौखट पे सिर झुके है,
अपने मिज़ाज सा वो पागल ढूंढता है।
रैना"तलाश दिन की दिल बेताब सा है,
उस्ताद आम सा वो काबिल ढूंढता है। रैना"

मात्र ख्वाबों में आने से बात नही बनने वाली,
अपना सामान उठा कर सीधे चले आओ घर मेरे। रैना"

वैष्णो माँ की जय जय जय
वैष्णो माँ करो किरपा,
 तेरे बालक है नादान,
हम भटके रहे परेशान,
अपने चरणों की भक्ति दे,
बस कर ले इतना ध्यान।
वैष्णो माँ करो किरपा --
सुप्रभात जी --जय जय माँ  


जय माँ भारती,यही पूजा आरती।
हम अब रखे कोई न मतलब उन पुराने मतभेदों से,
आओ मिलकर देश आजाद करवाये काले अंग्रेजों से। रैना"
भारत माता की जय जय जय।
नेतातंत्र दिवस की बधाई हो। रैना"




अचम्भा ???गली के कुत्ते दिन रात भौंकते है,
फिर भी कहते है बोलने की आजादी नही। रैना"

जो आका की मेहरबानी से पुरस्कार पाते है,
अक्सर वही आका के इशारे पर पुरस्कार लौटते है। रैना"


तुम भूलना तो चाहोगे पर याद हम आयेगे,
इतना भरोसा है तेरी कमजोरी बन जायेगे।
मेरी मुहब्बत का असर हो दिल जुबां पे ऐसा,
वो गीत उल्फ़त के मजे में मस्त हो गायेगे।
आकाश से तो टूटता बेबस सितारा सदा,
मजबूर हम भी छोड़ के तेरा शहर जायेगे।
ऐसा नसीबा है मेरा बेचैन दिल है दुखी,
हमको खबर है चैन बदकिस्मत वहां पायेगे।
है गर खिज़ा फिर क्या हुआ ये वक़्त बदले कभी,
आयें बहारें बाग़ में फिर फूल खिल जायेगे। रैना"

Sunday, January 24, 2016

दोस्तों ये देखना
लफ्जों का मिलन जुदा होना देखा है,
मैंने हर लफ्ज का यूं रोना देखा है।
शब्द नाद ही गूंजती सारे ब्रमांड में,
शब्दों के माया जाल में खोना देखा है।
सुन कर अपनी माँ की मीठी लोरी,
बच्चे का बेखबर सा सोना देखा है।
लफ्जों का असर सीधा दिल पे होता,
हंसना किसी का पलकें भिगोना देखा है।
रैना"लफ्जों की करामात निराली,
उड़ती खाक कहीं लुटता सोना देखा है। "रैना" 
 की पूछ दे ओ हाल फकीरा दा,साडे नदिया विछड़े नीरा दा,
साडा हंज दी जोनी दा,साडा दिल जलैया दिल गीरा दा।
ऐ जान देय कुझ सोख जेहे रंगा दा तस्वीरां ऐ,
जद हठ गए अस्सी इश्के दी मूल कर बैठे तक़्दीरां दा।

दिल लकीरों से यही कहता है,
मेरा अपना वो कहां रहता है।
कुछ बता उसका पता हम ढूंढे,
मेरे दुःख वो क्यों भला सहता है। 
कौन जाने कब बिछुड़ जायेगे,
धार जीवन नीर सा बहता है।
जिन्दगी अब बोझ सा लगती है,
क्या कहे हम वक़्त कुछ ऐसा है।
तू हटा चिलमन दिखा दे जलवा,
देख रैना"चेहरा कैसा है। रैना"


मात्र रैना"की सोच ???क्या आप सहमत हैं।

अंग्रेजों के चम्मचों के हाथ में अब तो खाली प्लेट दीजिये,
शहीदों का अपमान करने वालों को पूरा लपेट दीजिये।
क्योकि इन्होंने अंग्रेजों के राज में खूब गोलगप्पे खाये हैं,
कुर्सी के लिये देश भक्त चुन चुन के सूली पे लटकवाये है।
मरे कोई राज करे कोई भारत देश में अब भी ऐसा होता है,
चम्मचें गद्दारों को मिले अवार्ड खुद्दार फूट फूट के रोता है।
मोदी जी ये रैना"की अर्जी आप इतना ध्यान लगाना जी,
प्रीतभावान ओ देश भक्त को कभी पीछे नही हटाना जी।
जो हो इसका असली हकदार अवार्ड उसी को दिलाना जी। रैना" 
वैष्णो माँ की जय जय जय
ख़ुशी मिलेगी माँ का प्यार मिलेगा,
मान सम्मान ओ सत्कार मिलेगा,
माँ के चरणों का ध्यान लगा ले,
तू अपना जीवन सफल बना ले,
फिर भव से तर जायेगा,
चैन से अपने घर जायेगा। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ


 दोस्तों की नजर इक ग़ज़ल

तेरे चर्चे दिल के घर होते बहुत हैं,
बात सुन के नैन फिर रोते बहुत हैं।
बरसते हैं आंसू सावन की घटा से,
दाग़ दिल के अश्क यूं धोते बहुत हैं।
आशिकों को चैन पल भर भी नही है,
भार गम का दिलजले ढोते बहुत हैं।
बावफ़ा की आंख तरसे नींद को ही,
बेवफ़ा तो रात भर सोते बहुत हैं।
है हक़ीक़त इश्क़ में मन्जिल न आसां,
हाथ खाली दिल पे तो चोटें बहुत हैं।  रैना"





कबीले तारीफ़ है सत्कार चौबीस का, न भूलेंगे हम कभी प्यार चौबीस का। मेजर अमित व मलिक तो बेमिसाल है, कर्नल पूरी लाजवाब सरदार चौबीस का। जवान ओ जेसीओ तो यूनिट की शान है, एस एम त्रिलोकी दिलदार चौबीस का। बलिदानी से हरगिज न कभी पीछे हटेंगे, यही तो है भारत देश से करार चौबीस का। रैना"मांगता दुआ मालिक से हरपल यही, खुशियों से महकता रहे संसार चौबीस का। रैना"
रिश्तों की डोर,है अति कमजोर,
फिर भी इन्सां,तोड़ नही पाता,
इक फंदा टूटे,दूसरे में फस जाता।
फिर भी इन्सां --------------
दिल पे अक्सर चलती है आरी,
जिंदगी हल्की गम की गठरी भारी,
 न चाहते हुए भी,हर गम उठाता।
फिर भी इन्सां ------------ रैना"





खजाना नाम का पाने यहां आया,
लगे है लौट कर खाली चला जाये,
अभी भी वक़्त है तू सोच कर अपनी,
ढ़लेगी शाम तब तू रोये पछताये। रैना"

Saturday, January 23, 2016



मन की मुरझाई कली इसलिये नही खिल रही,
क्योकि रूह बेचारी को ख़ुराक ही नही मिल रही। रैना"


जिन्दगी में यूं कहे है मजा बहुत,
राह गर भटके मिले है सजा बहुत।
दूर तक है रौशनी खुद संवार ले,
ध्यान कर ले तंग करे है कज़ा बहुत।
आज के इस दौर में हैं सभी दुखी,
आदमी खुद से करे है दगा बहुत।
बाद में रोयेगा होना भला नही,
गौर कर ले वक़्त रैना"मिला बहुत। रैना"





वैष्णो माँ की जय 
माँ तेरी तलाश है मुझको,
मेरा मकसद कुछ और नही। रैना"
सुप्रभात जी ----जय जय माँ

देखो तो हम कितने नादान हो गये हैं,
रास्ता उन से पूछते जो खुद भटके हुए हैं। रैना"

आइना जब मैंने देखा गौर से,
तब मुझे मुझ में तू नजर आया। रैना"



सुभाष चन्द्र बोस भारत माँ का लाल प्यारा था,
आजाद हिन्द फ़ौज बना अंग्रेजों को ललकारा था।
तुम मुझे खून दो मैं दुगा आजादी ये उसका नारा था,
अंग्रेजों से तो जीत गया पर अपनों से वो हारा था।
बेड़ियों से मुक्त कर भारत माँ का भाग्य संवारा है,
सुभाष चन्द्र जैसे देश भक्तों को प्रणाम हमारा है।
अफ़सोस भारत माँ के लालों ने अपनी जान गवाई है,
अंग्रेजों के चम्मचे गद्दारों ने तो देखो कुर्सी पाई है। रैना"

Friday, January 22, 2016



वैष्णो माता की जय जय जय
वैष्णो माँ जब से तेरा उपकार हो गया,
मेरे जीवन का गुलशन गुलजार हो गया,
बेशक माँ जिसे मिल जाये तेरा सहारा,
वो खुशनसीब भव सागर से पार हो गया। रैना"
सुप्रभात जी ----------जय जय माँ

इस उदासी का सबब क्या समझ आये नही,
माथे पे शिकन की लकीरें क्यों आई किसलिये। रैना"

झूठ को हंस के गले लगाते हैं लोग,
सच्चाई से अक्सर घबराते हैं लोग। रैना"

मुहब्बत हम न कर पाये यही गम है,
तभी हमको ग़ज़ल कहनी न आयी है। रैना"

अरमानों से हम गिला करते नही,
क्योकि ये होते है टूटने के लिये ही। रैना"
मोहे लगी तोरी लगन,
है मस्त मन मोरा मगन,
मुझ पे नजर तोरी हुई,
लगता कदमों में हैं गगन।
सुधबुध नही अपनी रही,
गाती रहे मीरा भजन।
प्यासी नदी इंतज़ार में,
आयेगे कब बादल सजन।
आओ पिया बैचैन दिल,
मुझको सताये हैं कंगन। रैना" 
सच्ची कहानी
गरीब बच्चे भी काफी समझदार होते हैं,
दोस्तों आप बीती सुनाता हूं। इसी सप्ताह बुधवार दिनांक २० जनवरी को बदराबाद उतराखण्ड में इक शादी समारोह में सम्मलित होने का अवसर मिला। प्रात लगभग 10 बजे मैं नाश्ता कर रहा था। मैंने देखा दो गरीब बच्चें जिनके तन पर नाम मात्र के कपड़े,नंगे पैर वहां खड़े मेरी तरफ देख रहे थे। मैंने नाश्ता खत्म कर उन बच्चों से पूछा क्या पूड़ी खाओगे। उन्होंने हाँ में सर हिला दिया। जैसे ही मैंने उनके लिए प्लेट उठाई तभी कैटरिंग वाला आ गया और कहने लगा इन नाश्ता मत देना। मैंने कहा क्यों उसने कहा ये प्लेट उठा ले जायेगे। मैंने उसकी बात नही मानी और दोनों बच्चों को नाश्ता दे दिया और बच्चों को समझा दिया नाश्ता करने के  बाद प्लेट उस टब में डाल देना। बच्चे नाश्ता कर रहे थे मैं दूर खड़ा उन बच्चों को छुप के देख रहा था। नाश्ता करने के बाद उन बच्चों ने प्लेट टब में डाली एवं अब उनकी नजरें मुझे ढूंढने लगी। मुझे दूर खड़ा देख दौड़ते मेरे पास आये और मुस्करा कर बोले हमने प्लेट वहां रख दी है। इसके बाद शुरू हुआ हाथ हिलाने का सिलसिला यानि बाये बाये करने लगे। वो दूर तक हाथ हिलाते रहे। उन बच्चों को देख मुझे एहसास हुआ गरीब बच्चें काफी समझदार होते है उन्हें समझाने पढ़ाने की जरूरत है। 
हादसा हो गया होना था,
दिल मेरा रो गया रोना था।
ढूंढता मैं उसे क्यों कहां,
खुद में ही खो गया खोना था।
इश्क की आग में हम जले,
दाग़ को धो गया धोना था।
लेख में है लिखा कुछ करो,
तान के सो गया सोना था।
हर ख़ुशी है मिली गम यही,
दिल का खाली रहा कोना था।रैना"



Thursday, January 21, 2016

गर उठना चाहो तो सहारा मिल जाता है। रैना"

गिरते को उठाने वाले भी बहुत है,
यदि कोई दीवार से टक्कर मारे तो?????
उसका कोई क्या करे। रैना"


बाद मुद्दत सही चलो उन्हें मेरा ख्याल तो आया। रैना"
वैष्णो माँ की जय
माँ मेरी कर दो उपकार,
मोहे दर्शन दो इक बार।
हर पल तेरा ध्यान करू,
मेरी विनती करो स्वीकार।
माँ मेरी कर -----------
मुझको मईया तेरा सहारा,
मझदार अटके दूर किनारा,
हो जाये गर तेरी माँ किरपा,
मिल जाये मोहे मस्त नजारा,
रैना"हो जायेगे भव पार।
माँ मेरी कर -------रैना"
सुप्रभात जी ---जय जय माँ 

देख काली रात को क्यों रो रहा है,
चार पहरों बाद दिन भी हो रहा है,
शाम ढलने को हुई तू बेख़बर सा,
बेफिकर तू तान लम्बी सो रहा है।
आज का इन्सां बड़ा ही स्वारथी है,
कुछ उसे पाना नही सब खो रहा है।
चेहरा निखरा लगे है पर खोट दिल में,
यूं गुलों की चाह कांटें बो रहा है।
इश्क में हासिल सदा ही दर्द दिल का,
बैठ तन्हा रैन"जख्मों धो रहा है।  रैना"


भूलना चाहा तुझे पर दिल ने है धोखा दिया,
सोचते कुछ और पर दिल ने नही मौका दिया।
रास आया है नही हमको तेरा यूं बिछुड़ना,
ख़्वाब में आ कर हमें हर बार है चौंका दिया।
कौन हम तेरे हुये तू किसलिये ये सोचता,
वक़्त ने हमको बहुत ही दूर है पहुंचा दिया।
नाम तेरा जब लिया तब दर्द दिल में है उठा,
है समझ आती न रैना" किसने क्या समझा दिया।रैना"   



तड़फती है रात दिन पी को मिलने के लिये
है कली बेताब मन की अब खिलने के लिये।
राह तेरी देखती विरहा की मारी हुई,
खून दिल में है नही अब तो जलने के लिये।
बेखबर तू हाल से मेरी फ़िकर क्यों नही,
मैं कहूं अपना किसे अब संग चलने के लिये।
क्यों नही अपने लिये तूने कभी गौर की,
शाम है तैयार अब रैना" ढलने के लिये। रैना"



Wednesday, January 20, 2016

राख मेरी जब उड़ेगी खुश्बू महक जायेगी,
विरहा की आग में जलती रूह गीत गायेगी।
पतझड़ के मौसम में जब फूल कोई खिलेगा,
भूलना चाहेंगे वो पर मेरी याद तो आयेगी।
अन्धेरी राहों पे हम तन्हा से भटकते रहेगे,
सूखा रेगिस्तान कहीं छाया नजर न आयेगी।
सागर किनारे बैठा "रैना"फिर भी प्यासा है ,
जब पी मिलेंगे मन की प्यास मिट जायेगी। रैना"

वैष्णो महारानी की जय जय कार
दर्शन कर वैष्णो रानी के,अपना जीवन सफल बनाओ भक्तों,
कुछ और दिखावा न करना,बस जय माँ जय माँ ध्याओ भक्तों।
जय जय माँ,जय जय माँ ------------------------------
माँ वैष्णो रानी करे कृपा मन के बंद दरवाजें खोले हैं,
भक्त दीवाना हो जाये रोम रोम जय जय माँ बोले है,
माँ की भक्ति के संग संग दीन दुखिया को गले लगाओ भक्तों।
कुछ और दिखावा न करना,बस जय माँ जय माँ ध्याओ भक्तों।
जय जय माँ,जय जय माँ ------------------------"रैना"
सुप्रभात जी --------------------------------जय जय माँ 
मन न हो तो दुआ मत करो,
पर किसी से दगा मत करो।
बात अच्छी रहे गर दबी,,
राख उड़ती हवा मत करो।
इश्क का खास दस्तूर है,
दर्द हो तो दवा मत करो।
दिलजलों की नज़र में रहे,
इस कदर तुम सज़ा मत करो।
बात अपनी रहें तब बनी,
छोड़ मैदां भगा मत करो।
रैना"का है फ़िक्र क्या करे,
हो इबादत मजा मत करो। रैना"


दोस्तों देखना
याद के नश्तर चुबे हैं बहुत,
हम तलब में यूं जगे हैं बहुत।
है कमी कोई रहे दूर हम,
यूं मंजिल खातिर चले हैं बहुत।
हम गिला शिकवा करे तो कैसे,
आग में आशिक जले हैं बहुत।
हैं गुमां तुझको बता किसलिये,
ये चढ़े सूरज ढ़ले हैं बहुत।
जान कर रैना"बड़ा हैरान है,
टूट कर अरमां पले हैं बहुत। रैना"

Monday, January 18, 2016

वैष्णो माँ की जय
मजे में गुजर रही है जिंदगानी,
माँ तेरी मेहरबानी,माँ तेरी मेहरबानी।
बनी है जीवन की खूब कहानी,
तेरी मेहरबानी माँ तेरी मेहरबानी।
तेरी मेहरबानी माँ -----------------
मन को सब्र माँ चैनो अमन है,
महका हुआ माँ मेरा गुलशन है,
तेरा कर्म तूने पीड़ा है जानी।
तेरी मेहरबानी माँ --------
 सुप्रभात जी ----जय जय माँ





दोस्तों आप सब की दुआओं से हमने अपने दोस्त वीडियो डरैक्टर विजय के धीर के साथ मिल कर चिराग फिल्मस (प्रोडेक्सशन हाउस )को और आगे ले जाने का संकल्प लिया है। इसमें हमारे साथ महान संगीतकार नीले खान सूफी गायक भी पूरी तरह से जुड़े है। नये कलाकारों को आगे ले जाने का हर तरह से तैयारी की है। जो नये पुराने गायक,माडल,इतियादी हमारे साथ सीधा सम्पर्क कर सकते है। सम्पर्क ---चिराग फिल्मस,नजदीक पुराना एम सी आफिस जीरकपुर चंडीगढ़। फोन -94176,6450,94666,97305,94160,76914

Sunday, January 17, 2016

जो जिन्दगी के करीब हो गये हैं,
वो शख्स तो खुशनसीब हो गये हैं।
जो साफ़ मन को करे रखे सजा के,
वो भले उसके करीब हो गये हैं।
फिलहाल खुद पे नही यकीं करे क्या,
अब आदमी कुछ अजीब हो गये हैं।
कुछ ख़ास ही अब अंदाज से लगे हैं,
वो जब से अपने हबीब हो गये हैं।
हम चाह कर भी रहे न आम जैसे,
क्यों रैना"खुद के रकीब हो गये हैं। रैना"
वैष्णो रानी की जय जय जय
निःसंदेह हम गुलाम हैं तन के,
हम दौड़ते रहते पीछे धन के,
हमें भी खबर कुछ साथ न जाये,
मईया जोड़ दे तार अब मन के। रैना"
सुप्रभात जी ---------जय जय माँ 

Saturday, January 16, 2016

वैष्णो महारानी की जय जय
सुंदर प्यारा दरबार वैष्णो रानी का,
दर्शन करो भक्तों,झोली भरो भक्तों।
जय जय माँ -------------------
यूँ सारा संसार जग कल्याणी का,
दर्शन करो भक्तों,झोली भरो भक्तों।
जय जय माँ ------------------
दर से न खाली कोई लौट के जाता है,
माँ से जो मांगो वो मिल जाता है,
चलता खुला भंडारा शेरोवाली का।
दर्शन करो भक्तों,झोली भरो भक्तों।
जय जय माँ ----------------रैना"
सुप्रभात जी ----------जय जय माँ


दोस्तों आप के लिए

दिल को अक्सर समझाया करो,
बातों में मत उलझाया करो।
मौसम जैसे सूरत बदले,
शीशा खुद को दिखलाया करो।
माना के सच कड़वा होता,
तुम खुद को मत तरसाया करो।
हम से क्यों रूठा है मौला,
घर मेरे जल बरसाया करो।
रैना"को करनी है पूजा,
तुम बेजा मत बहकाया करो। रैना"



Friday, January 15, 2016

वैष्णो माँ की जय
मुझ पे तेरी किरपा माँ कहते हैं सभी,
मुझको शौहरत इतनी मिली है तभी,
ऐसे ही ईमान की डगर पे चले मेरी माँ,
मेहनत का दामन हम न छोड़े कभी। रैना"
सुप्रभात जी--------------जय जय माँ 
ख्वाब हम फिर से सजाने लगे हैं,
वक़्त गुजरे को भुलाने लगे हैं।
ठोकरों ने ही सिखाया हमें कुछ,
सोच कर अब दिल लगाने लगे हैं।
देख कर महकी फ़िजा को कहे क्या,
नाज अरमां फिर दिखाने लगे हैं।
तोड़ मत देना भरोसा किसी का,
ये बनाने में जमाने लगे हैं।
हम खफ़ा रहने लगे थे खुद से,
रैना"खुद को फिर मनाने लगे हैं। रैना"


टूटी कश्ती को किनारा न मिले,
बदनसीबों को सहारा न मिले,
हम खिजा के फूल ठहरे जो तभी,
उन बहारों का नजारा न मिले। रैना"

Thursday, January 14, 2016

वैष्णो माँ तेरी जय जय कार,
जय जय कार माँ जय जय कार,
भक्त आये तेरे द्वार,माँ विनती करो स्वीकार,
दर्शन दो इक बार,माँ तेरी जय जय कार।
माँ तेरी जय जय कार --------------
वक्त बहुत बुरा है आया,
अपना हो गया गैर पराया,
माँ वैष्णो करो उद्धार।
माँ तेरी जय जय कार। रैना"
सुप्रभात जी----------- ---जय जय माँ 
जलते चिरागों को बुझाना नही,
गुल को हवा में तो उड़ाना नही।
है बददुआ अपना असर छोड़ती,
मुफ़्लिस दुखी को सताना नही।
मिट्टी के घर में चैन रहता सदा,
तू कांच के घर तो बनाना नही। 
तू ढूंढता फिरता उसे क्यों वहां,
मन के सिवा उसका ठिकाना नही।
रैना"मुसाफ़िर तू बहुत दूर का,
फिर लौट कर तूने आना नही। रैना"

Wednesday, January 13, 2016

नशे में चूर रहते हैं,
खुदी से दूर रह्ते हैं।
खबर अपनी नही रहती,
कहे मशहूर रहते है।
वैष्णो माँ की जय
जो है माँ का प्यारा,उसका चमका सितारा,
जो है जग से हारा,उसको माँ ने उबारा।
तू भी वैष्णो माँ से प्यार कर ले,
वीरां जीवन को महकी बहार कर ले।
जय जय माँ जय जय माँ। रैना"
सुप्रभात जी --------जय जय माँ


जान ले तेरी हक़ीक़त क्या है,
अब भला ये तेरी सूरत क्या है।
भूल बैठा तू फर्ज अपना ही,
जान लेता तू मुहब्बत क्या है।
चन्द सिक्कों ने किया बेईमां,
तू न जाने अब अमानत क्या है।
कूदता है तू उसी के दम से,
फिर कहे शैतान कुदरत क्या है।
करम उसका ये जहाँ रोशन है,
भूल मत रैना"इनायत क्या है। रैना"





बज्म से अब वो नजारे चले गये,
बांटते थे दुःख जो प्यारे चले गये।
दर्द दिल का वो सुने ही न बेवफ़ा,
हम निरन्तर उसे पुकारे चले गये।
हादसे ने छीना बूढ़े की लाठी को,
बाप रोया अब सहारे चले गये।
मेरी किस्मत ने सदा ही दगा दिया,
जिन्दगी फिर भी संवारे चले गये।
है नसीबों की खता जो मिले नही,
दूर अब दोस्त हमारे चले गये। रैना"

हैप्पी लोहड़ी?????
पीना थोड़ी थोड़ी,
क्योकि शराब में ?????
मिलावट बहुत है। रैना"

Tuesday, January 12, 2016

वैष्णो महारानी की जय
जहां देखा जिधर देखा तेरा जलवा नजारा है,
बड़े ही बेहतर ढंग से माँ जहाँ तूने संवारा है,
कमी ये भी करो पूरी तेरा दीदार हो जाये,
हुआ आबाद रैना"भी मिला तेरा सहारा है। रैना"
----------जय जय माँ 
युवा दोस्तों के लिए ख़ास 
बुरा दौर चल रहा है खुद को संभाले रखना,आंखें खुली हो लेकिन लबों पे ताले रखना।
परेशानियों का मौसम यौवन पे तंगहाली,
तू मन न छोटा करना उम्मीदें पाले रखना।
भीड़ में रह के जीना ये जीना भी क्या जीना,
अलग पहचान हो तेरी अंदाज निराले रखना।
चाहे है गुप अन्धेरा न चिराग जलता कोई,
नजर आयेगी मंजिल मन में उजाले रखना।
रूप हुस्न जवानी दौलत का गुमां न करना,
तेरा कुछ नाही रैना"सब उसके हवाले रखना। रैना"

Monday, January 11, 2016

वैष्णो महारानी जी जय,
बड़ी मुश्किल परेशानी करो उपकार मेरी माँ,
करे विनती तेरे बच्चे करो स्वीकार मेरी माँ,
जमाना हो गया बदली मुहब्बत सिर्फ पैसे से,
हमें तेरा सहारा है करो भव पार मेरी माँ। रैना"
सुप्रभात जी -----------------जय जय माँ 

Sunday, January 10, 2016

जय जय माँ वैष्णो
जिंदगी के सफर में माँ तेरे सहारे बिना कुछ भी सम्भव नही है,
गर हो जाये तेरी कृपा माँ वैष्णो फिर कुछ भी असम्भव नही है। रैना"
सुप्रभात जी----------------------------------- --जय जय माँ 
मैं अख्खा विच तेरी मढ़ी तस्वीर है,
मेरा दिल आख्खे तू मेरी तकदीर है,
फेर न मुख साडे वल्ल कर लै,
कोल बै के प्यार दी गलल कर लै।
कोल बैठ के ---------------------
सच जानी ऐ ता दिल दी दवाई है,
शुरू हो गई जो आख्खा दी लड़ाई है,
दिल दा ऐ मसला तू हल कर लै।
कोल बैठ के --------------------
आरजू तमन्ना तू ही जुस्तजू वे,
मेरियां सावां विच तेरी खुशबू वे,
इस प्यार कहानी तू सफल कर लै।
कोल बैठ के --------------------


लिखते ही रहते हैं हम तेरे बारे में,
पढ़ते ही रहते हैं हम तेरे बारे में।
सब देखा समझा हमने तेरे बारे में,
सोचा अब तो तुम सोचो मेरे बारे में। रैना"
रविवार का तोहफा

मेरी तलाश हो तुम,
मेरी प्यास हो तुम।
दूरी बना रखी है,
रहते तो पास हो तुम।
क्यों बोलते न हम से,
लगता निराश हो तुम।
हम जो तेरे सनम है,
मेरे भी आस हो तुम।
ऐसा घटा न कुछ भी,
क्यों फिर उदास हो तुम।
तुम हो हसीं जहाँ से,
रैना"के ख़ास हो तुम। रैना"



Saturday, January 9, 2016

रात दिन याद की आग में हम जले हैं,
छोड़ कर अब शहर तेरा चुप से चले हैं।
है खता ये हमारी नही जो निभाया,
लोग तेरे शहर के बड़े ही भले हैं।
खैर ये दोष हम दे किसी को भला क्यों,
वक़्त के साथ सूरज चढ़े भी ढ़ले हैं।
है समझ में नही आ सका माजरा क्या,
सांस ले हाथ क्यों यूँ किसी ने मले है।
 मत परेशान हो रैना दिन बदलते हैं,
बाद पतझड़ के ही पेड़ फूले फले हैं। रैना"@@
  
कड़वा सच ?????????
ये कैसी विडंबना है,
हम भारत वासी धर्म के लिए सब कुर्बान करते झुजते हैं,
जो काम क्रोध मोह माया में लिप्त उन्हें बाबा कह कर पूजते है।
अंग्रेजों के गुलाम रहे हैं इसलिए उनकी परम्परा न छोड़ पाते हैं,
मातृ भाषा हिंदी को ठुकराते तो अंग्रेजी को एकदम पचा जाते हैं। 
जिनके कपड़े विदेश में प्रेस होते थे उन्हें देश भक्त फरमाते है,
जो देश के लिए जान दे गये उन्हें पागल आतंकवादी बताते है।
वैसे हम बहुत ही धार्मिक मगर रोज घर में अंडे मुर्गे पकते हैं,
कहने को माँ बाप की सेवा वैसे माँ बाप को सूली पे टांग के रखते है।
शेष अगले अंक में

Friday, January 8, 2016

वैसे तो सभी करते है काम लेकिन,
मेहनत बहुत कम लोग करते है,
क्योकि मेहनत शुरू होती है थकने के बाद। रैना"

जयकारा वैष्णो रानी का -जय जय माँ
जयकारा शेरोवाली का मिल के बोलिये,
जल्दी से मन के बन्द दरवाजें खोलिये,
गुफा में बैठी वैष्णो महारानी है पुकारती,
दर्शन कर जीवन में ख़ुशी का रंग घोलिये। रैना"
सुप्रभात जी------------ -----जय जय माँ 
जिन्दगी है अधूरी तुम्हारे बिना,
तुम दुखी हो लगे है हमारे बिना।
हर किसी का सहारा जरूरत हुई,
जी नही पा रहे हम सहारे बिना।
ये खबर भी सही जानते हैं सभी,
हम चले कैसे उसके इशारे बिना।
रात भर सो नही पा रहे दिल जले,
जिन्दगी ढल गई है नजारे बिना।
डूब जाता सफ़ीना घड़ी भर लगे,
हो गुजारा न रैना" किनारे बिना। रैना"  

Thursday, January 7, 2016


नाम मेरा लिया नही उसने,क्यों खफा है समझ नही आया,
क्या गिला है उसे हुई हमसे,क्या खता है समझ नही आया।
भ्रम अब तक बना रखा उसने,ढूंढते है मगर नही मिलता,
किस गली में रहे कहां पे घर,क्या पता है समझ नही आया।
लोग जीते मगर मरे जैसे,लाश को है उठा रखा सिर पे,
जिन्दगी जीन की भला क्या है,वो अदा समझ नही आया।
टूटता दिल करे दुआ अक्सर,चोट दिल पे लगे नही "रैना"
जख्म फिर भी लगे बहुत उसकी क्या रजा है समझ नही आया। रैना"






ये सोच कर मत देना किसी का साथ के कभी सहारा देंगे,
अब लोग इतने कमिनें हो गये हैं की बैसाखी भी छीन लेंगे। रैना"
जन्म दिन हो मुबारख यार यही मांगी दुआ हमने,
बरसे तुझ पे खुशियां प्यार यही मांगी दुआ हमने,
मेरा मालिक करे किरपा सदा हो रहमत की बरसा,
तेरा हर सपना हो साकार यही मांगी दुआ हमने। रैना"
यहां कोई नही सुनता किसी का दर्द मत रोना,
जमाना है बड़ा संगदिल बड़ा बेदर्द मत रोना,
भरोसा खुद पे ही करना यहां कोई नही तेरा,
दगा तुझसे अगर कर दे कभी हमदर्द मत रोना। रैना" 
वैष्णो माँ की जय जय जय
वैष्णो माँ का सहारा मिल जाये,
फिर मुरझाया फूल भी खिल जाये,
कोई भी मुश्किल रहे न परेशानी,
दिल का जख्म भी से सिल जाये। रैना"
सुप्रभात जी ----------जय जय माँ 

Tuesday, January 5, 2016

इश्क की आग लगी दिल है जला लेकिन,
खूब ही दर्द हुआ आया मजा लेकिन। रैना"

Monday, January 4, 2016

देशवासियों का संदेश
राजनीति चमकाने नही देश को बचाने का वक़्त आ गया है,
मोदी जी अब 56 इंच का सीना दिखाने का वक़्त आ गया है।
पठानकोट आतंकी हमले के बाद गुस्से में हिंदुस्तान सारा है,
क्योंकि हमारे दुश्मन ने हमें हमारे घर आ कर ललकारा है।
देश चिंतित मोदी जी अब आप भी न सेफ्टी जोन हो जाना,
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन के जैसे आप भी न मोन हो जाना।
क्योकि प्रधानमंत्री जी आप ने पहले भी सहास  दिखलाया है,
इसलिये ही जनता ने आप को देश का प्रधानमंत्री बनाया है। रैना"
शहीद की पत्नी को समर्पित

अब न होनी प्रेम की वर्षा रूठ गया है गगन मेरा,
फूल खिलने से ही पहले उजड़ गया है चमन मेरा।
तुम चल दिये मेरे हाथों से महेंदी का रंग नही उतरा,
जीवन भर मुझे अखरेगा साथी बना है रुदन मेरा।
तुम जो होते साथ में फिर तो मैं भी मुक्ति पा जाती,
काश तुम लेकर आते अपने हाथों से कफ़न मेरा।
जीते जी मैं मर गई अब जीने का कोई अर्थ नही,
जिन्दा लाश का बोझ उठाये ही भटकेगा बदन मेरा।
देश की रक्षा के खातिर तूने अपने प्राण लुटाये है,
भारत माँ के सपूत इसलिये तुझको दिल से नमन मेरा। रैना"
जय जय माँ वैष्णो
तेरे जलवे मस्त नजारें,
फूल हैं महके प्यारे प्यारे,
गर माँ वैष्णो रानी हम पे तेरी किरपा हो जाये,
ऐसे ही मेरे जीवन की बगिया भी महकाये।
तेरी किरपा हो जाये जो मईया तेरी -------
मन ये प्यासा भटक रहा है,
चिंता की सूली पे लटक रहा है,
तू जो किरपा करे मेरी माता,
चिंता भी मिट जाये।
तेरी किरपा हो जाये जो मईया तेरी -------
समझो कुछ मेरी मजबूरी,
कम करो माँ बीच की दूरी,
रैना"बैठा मस्ती में बस तेरा ही गुण गाये।
तेरी किरपा हो जाये जो मईया तेरी -------रैना"
सुप्रभात जी ---जय जय जय माँ

आइना देख कर मुस्कराना नही आया।
मेरे हिस्से में दिलकश जमाना नही आया,
आंख खुलने से पहले ही टूटे हसीं सपना,
क्या करे ख्वाब हमको सजाना नही आया।
मेहनत की मगर दे गई है दगा किस्मत,
हम रहे सोते खुद को जगाना नही आया।
हम गिला बागवां से करे तो भला कैसे,
दर्द दिल का क़िसी को दिखाना नही आया।
दोष दे तो किसको खता है भला किसकी,
गम यही रैन खुद को हंसाना नही आया। रैना"

Sunday, January 3, 2016

हम जा रहे उन्हें मनाने के लिये,
वो आ रहे हमको मिटाने के लिये,
अब बांध पक्के सब्र का है टूटता,
उठ जा सबक उसको सिखाने के लिये। रैना"


वैष्णो माँ की जय जय जय
दुःख दूर करो माँ,झोली भरो माँ,
दो भक्ति का उपहार,
वैष्णो अम्बे रानी माँ तेरी जय जयकार,
तेरी जय जय कार ----------
जग की पालनहारी माता,
महिमा गजब तुम्हारी माता,
अपने भक्त प्यारो का,कर देती हो उद्धार।
वैष्णो अम्बे रानी माँ तेरी जय जयकार,
तेरी जय जय कार ----------
रैना"तेरे दर पे आया,टूटा हुआ माँ दिल है लाया,
हाथ जोड़ के करता विनती,कर दो माँ उपचार।
वैष्णो अम्बे रानी माँ तेरी जय जयकार,
तेरी जय जय कार ----------रैना"
सुप्रभात जी ------जय जय माँ

दोस्तों देखना
मौत ही अपनी सगी है,
बाकी तो सब ही ठगी है।
किसलिये आये यहां तुम,
सोचा तूने क्या कभी है।
सोच उसके बारे में भी,
क्यों तुझे अपनी लगी है। 
माँ को तू मत भूल जाना,
रात सारी वो जगी  है।
बेखबर रैना वहां से,
रात तो होनी अभी है। रैना"

देश के खातिर प्राण न्योछावर करने वाले वीरों की शान में

सलाम उन वीरों को जो मरे हैं देश के खातिर,
अपना फ़र्ज़ समझ कर्म करे हैं देश के खातिर।
खड़ी थी मौत सामने फिर भी परवाह नही की,
आखरी सांस तक बेख़ौफ़ लड़े हैं देश के ख़ातिर।
मातृ भूमि के आशिक़ दीवाने मतवाले होते हैं,
देश भक्ति का अनोखा पाठ पढ़े हैं देश के खातिर।
खड़े सीमा पे पहरेदार सर्दी गर्मी उफ़ न करते,
हंस हंस के हर दुःख दर्द जरे हैं देश के खातिर।
पठानकोट के शहीदों को नमन मेरी श्रदांजलि,
जिन्होंने जान दे दी पर न डरे हैं देश के खातिर। रैना"

दिल से तुम नाम मेरा मिटा देना,
वक़्त गुजरा समझ के भुला देना।

बेहतर हो वहां से हटा देना।

Friday, January 1, 2016

वैष्णो माँ की जय जय
मेरी वैष्णो माता तेरी जगत में मशहूरी है,
ख्वाहिश भक्त अपने की तू करती पूरी है,
तुझको पाने का माता बड़ा आसान रस्ता है,
तेरे जीवों की सेवा ओ श्रदा भक्ति जरूरी है। रैना"
सुप्रभात जी ------------------जय जय माँ

आप गर होते नही तो बात बनती ही नही 
मेरे भाई,???
ये है कटु सच्चाई,
अंग्रेजों के चमच्चों ने मस्का लगा कुर्सी पाई,
भारत माँ के लालों के हिस्से में तो फांसी आई। रैना"


खुद को तेरे काबिल करना,
हमने तुझको हासिल करना।
तेरी महफ़िल अच्छी लगती,
खुद को उसमें शामिल करना।
कुछ हो पाना ऐसा करना,
दिल को आशिक पागल करना।
कुछ पाने को अपना सौदा,
यूं खुद को मत ज़ाहिल करना।
वरना रह जायेगा पीछे,
रैना"खुद को कामिल करना। रैना"