दोस्तों ये देखना
लफ्जों का मिलन जुदा होना देखा है,
मैंने हर लफ्ज का यूं रोना देखा है।
शब्द नाद ही गूंजती सारे ब्रमांड में,
शब्दों के माया जाल में खोना देखा है।
सुन कर अपनी माँ की मीठी लोरी,
बच्चे का बेखबर सा सोना देखा है।
लफ्जों का असर सीधा दिल पे होता,
हंसना किसी का पलकें भिगोना देखा है।
रैना"लफ्जों की करामात निराली,
उड़ती खाक कहीं लुटता सोना देखा है। "रैना"
लफ्जों का मिलन जुदा होना देखा है,
मैंने हर लफ्ज का यूं रोना देखा है।
शब्द नाद ही गूंजती सारे ब्रमांड में,
शब्दों के माया जाल में खोना देखा है।
सुन कर अपनी माँ की मीठी लोरी,
बच्चे का बेखबर सा सोना देखा है।
लफ्जों का असर सीधा दिल पे होता,
हंसना किसी का पलकें भिगोना देखा है।
रैना"लफ्जों की करामात निराली,
उड़ती खाक कहीं लुटता सोना देखा है। "रैना"
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