जान ले तेरी हक़ीक़त क्या है,
अब भला ये तेरी सूरत क्या है।
भूल बैठा तू फर्ज अपना ही,
जान लेता तू मुहब्बत क्या है।
चन्द सिक्कों ने किया बेईमां,
तू न जाने अब अमानत क्या है।
कूदता है तू उसी के दम से,
फिर कहे शैतान कुदरत क्या है।
करम उसका ये जहाँ रोशन है,
भूल मत रैना"इनायत क्या है। रैना"
अब भला ये तेरी सूरत क्या है।
भूल बैठा तू फर्ज अपना ही,
जान लेता तू मुहब्बत क्या है।
चन्द सिक्कों ने किया बेईमां,
तू न जाने अब अमानत क्या है।
कूदता है तू उसी के दम से,
फिर कहे शैतान कुदरत क्या है।
करम उसका ये जहाँ रोशन है,
भूल मत रैना"इनायत क्या है। रैना"
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