Monday, January 25, 2016



तुम भूलना तो चाहोगे पर याद हम आयेगे,
इतना भरोसा है तेरी कमजोरी बन जायेगे।
मेरी मुहब्बत का असर हो दिल जुबां पे ऐसा,
वो गीत उल्फ़त के मजे में मस्त हो गायेगे।
आकाश से तो टूटता बेबस सितारा सदा,
मजबूर हम भी छोड़ के तेरा शहर जायेगे।
ऐसा नसीबा है मेरा बेचैन दिल है दुखी,
हमको खबर है चैन बदकिस्मत वहां पायेगे।
है गर खिज़ा फिर क्या हुआ ये वक़्त बदले कभी,
आयें बहारें बाग़ में फिर फूल खिल जायेगे। रैना"

No comments:

Post a Comment