अधिकतर गंजों के हाथ में अक्सर कंघी होती है,
करे ढकने का प्रयास टेंट फिर भी नंगी होती है।
भारत देश में बुढ़ापा तो एक कलंक के सम्मान,
क्योकिं की बुजुर्गों के साथ बहुत ही मंदी होती है।
कभी सियासतदानों की बात पे भरोसा मत करना,
इनसे ज्यादा जुबां की पक्की कोठे की रंडी होती है।
जो घर नही देखा वही भला लगता जरूर है दोस्त,
महंगाई के दौर में हर घर में पैसे की तंगी होती है। रैना"
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