Sunday, January 31, 2016

वैष्णो माँ की जय जय जयकार
यही गम है मेरी माता जमाना रास नही आया,
कहे यूं जी रहे जीवन मज़ा कुछ ख़ास नही आया,
कहीं गैरों ने तोड़ा दिल कहीं अपने खफा रहते,
मुसीबत ने कहर ढाया न कोई पास तब आया।
अब तेरा सहारा वैष्णो रानी चरणों से लगाये रखना, रैना"
सुप्रभात जी ------------------------जय जय माँ   

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