सुभाष चन्द्र बोस भारत माँ का लाल प्यारा था,
आजाद हिन्द फ़ौज बना अंग्रेजों को ललकारा था।
तुम मुझे खून दो मैं दुगा आजादी ये उसका नारा था,
अंग्रेजों से तो जीत गया पर अपनों से वो हारा था।
बेड़ियों से मुक्त कर भारत माँ का भाग्य संवारा है,
सुभाष चन्द्र जैसे देश भक्तों को प्रणाम हमारा है।
अफ़सोस भारत माँ के लालों ने अपनी जान गवाई है,
अंग्रेजों के चम्मचे गद्दारों ने तो देखो कुर्सी पाई है। रैना"
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