दोस्तों देखना आप की नजर
यही हम सोचते अक्सर कभी वो बात हो जाये,
मिलन साजन से करना है भले ही रात हो जाये।
बंजर दिल की धरा प्यासी न बरसा नीर मुद्दत से,
सनम गर हंस के बोले तो तभी बरसात हो जाये।
चढ़ा है नूर यौवन का जमीं पे पां नही टिकते,
तमन्ना है यही दिल की अभी शुभरात हो जाये।
परिन्दा कैद है लेकिन बड़ी ही चाह उड़ने की,
करो रहमत बलम अब रैन"भी विख्यात हो जाये। रैना"
यही हम सोचते अक्सर कभी वो बात हो जाये,
मिलन साजन से करना है भले ही रात हो जाये।
बंजर दिल की धरा प्यासी न बरसा नीर मुद्दत से,
सनम गर हंस के बोले तो तभी बरसात हो जाये।
चढ़ा है नूर यौवन का जमीं पे पां नही टिकते,
तमन्ना है यही दिल की अभी शुभरात हो जाये।
परिन्दा कैद है लेकिन बड़ी ही चाह उड़ने की,
करो रहमत बलम अब रैन"भी विख्यात हो जाये। रैना"
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