मोहे लगी तोरी लगन,
है मस्त मन मोरा मगन,
मुझ पे नजर तोरी हुई,
लगता कदमों में हैं गगन।
सुधबुध नही अपनी रही,
गाती रहे मीरा भजन।
प्यासी नदी इंतज़ार में,
आयेगे कब बादल सजन।
आओ पिया बैचैन दिल,
मुझको सताये हैं कंगन। रैना"
है मस्त मन मोरा मगन,
मुझ पे नजर तोरी हुई,
लगता कदमों में हैं गगन।
सुधबुध नही अपनी रही,
गाती रहे मीरा भजन।
प्यासी नदी इंतज़ार में,
आयेगे कब बादल सजन।
आओ पिया बैचैन दिल,
मुझको सताये हैं कंगन। रैना"
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