दोस्तों आप के लिए
दिल को अक्सर समझाया करो,
बातों में मत उलझाया करो।
मौसम जैसे सूरत बदले,
शीशा खुद को दिखलाया करो।
माना के सच कड़वा होता,
तुम खुद को मत तरसाया करो।
हम से क्यों रूठा है मौला,
घर मेरे जल बरसाया करो।
रैना"को करनी है पूजा,
तुम बेजा मत बहकाया करो। रैना"
दिल को अक्सर समझाया करो,
बातों में मत उलझाया करो।
मौसम जैसे सूरत बदले,
शीशा खुद को दिखलाया करो।
माना के सच कड़वा होता,
तुम खुद को मत तरसाया करो।
हम से क्यों रूठा है मौला,
घर मेरे जल बरसाया करो।
रैना"को करनी है पूजा,
तुम बेजा मत बहकाया करो। रैना"
No comments:
Post a Comment