जिन्दगी में यूं कहे है मजा बहुत,
राह गर भटके मिले है सजा बहुत।
दूर तक है रौशनी खुद संवार ले,
ध्यान कर ले तंग करे है कज़ा बहुत।
आज के इस दौर में हैं सभी दुखी,
आदमी खुद से करे है दगा बहुत।
बाद में रोयेगा होना भला नही,
गौर कर ले वक़्त रैना"मिला बहुत। रैना"
राह गर भटके मिले है सजा बहुत।
दूर तक है रौशनी खुद संवार ले,
ध्यान कर ले तंग करे है कज़ा बहुत।
आज के इस दौर में हैं सभी दुखी,
आदमी खुद से करे है दगा बहुत।
बाद में रोयेगा होना भला नही,
गौर कर ले वक़्त रैना"मिला बहुत। रैना"
No comments:
Post a Comment