मेरा दोस्त पूछ रहा है???
आप को कवि सम्मेलन में क्यों नही बुलाया जाता,
मेरा जवाब है जी ?????
हमसे सिर ज्यादा नही झुकाया जाता,
पूंछ को बेवजह ही नही हिलाया जाता।
मां सरस्वती के सेवक रचना पढ़ सकते हैं,
हम पैसे के लिए जी हजूरी न कर सकते हैं।
हमसे किसी बॉस को मख्खन लगाया जाता नही,
खुद को किसी गिरोह का सदस्य बनाया जाता नही।
इसलिए हमने दोस्तों को श्रोता बना लिया है,
फेसबुक पर ही कवि मंच सजा लिया है।
निसंदेह दोस्तों ने पूरा अरमान कर दिया है,
इक अदना से इंसान को महान कर दिया है। राजेन्द्र शर्मा "रैना"
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