दोस्तों आप के लिए देखिये तो
तुम दो कदम मेरी तरफ आओ,मैं चार कदम आऊगा,
तुम शमा बन के जलो तो सही,मैं परवाना बन जाऊगा।
तेरे साथ जीने मरने का वादा,तेरे दम से मेरा दम बराबर,
शाहजहां के जैसे दिखाने को,ताजमहल न बनवा पाऊगा।
कसम खुदा की तेरे हवाले कर दे,जिन्दगी का हर लम्हा,
गर तू महकायेगी गुलशन मेरा,फिर मैं माली बन जाऊगा।
मैंने अब से सजाने शुरू कर दिये,हसीन लम्हों के हसीं सपने,
दिन"रैन"सोचता रहता फिर मैं तुझे किस नाम से बुलाऊगा। राजेन्द्र शर्मा रैना"
तुम दो कदम मेरी तरफ आओ,मैं चार कदम आऊगा,
तुम शमा बन के जलो तो सही,मैं परवाना बन जाऊगा।
तेरे साथ जीने मरने का वादा,तेरे दम से मेरा दम बराबर,
शाहजहां के जैसे दिखाने को,ताजमहल न बनवा पाऊगा।
कसम खुदा की तेरे हवाले कर दे,जिन्दगी का हर लम्हा,
गर तू महकायेगी गुलशन मेरा,फिर मैं माली बन जाऊगा।
मैंने अब से सजाने शुरू कर दिये,हसीन लम्हों के हसीं सपने,
दिन"रैन"सोचता रहता फिर मैं तुझे किस नाम से बुलाऊगा। राजेन्द्र शर्मा रैना"
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