Tuesday, November 12, 2013

kaise manu

कैसे मानू तू हमदर्द मेरा,
समझता जो नही दर्द मेरा।
तू खुश खिलता तेरा चेहरा,
गम में डूबा मुखड़ा जर्द मेरा।राजेन्द्र शर्मा "रैना"  

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