व्यंग्य कविता प्याज
शीला जी ने इतना जरूर किया है,
प्याज को सब्जियों से दूर किया है,
दिग्गविजय का कहना????
हम भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ायेगे,
नर मादा में कुछ अंतर लायेगे,
इसी कड़ी में टमाटर को भी,
सब्जियों से दूर भगायेगे।
इससे गंदगी की होगी सफाई,
जनता की घर बैठे होगी कमाई।
जनता जो पैसा टमाटर प्याज से बचायेगी,
कम से कम बढ़ी कीमत दे गैस सिलेंडर ले आये गी।
दिग्गी कहते इसे कहते है दिमाग,
देखो आम के आम गुठलियों के दाम।
बिना टमाटर प्याज के सब्जी खाओ,
कहो प्यार से जय श्री राम। राजेन्द्र शर्मा रैना"
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