Tuesday, November 5, 2013

magar tu kbhi

दूसरी तरफ जाते कदम मत रोकना,
पर कभी तू मिरे बारे में भी सोचना।
हमदर्द हम तिरे इसलिये शिकवा करे'
मैं तिरा क्या मुझे क्यों तुझे है टोकना।राजेन्द्र शर्मा "रैना"

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