आज फिर जिन्दगी से मुलाकात हो गई,
नजर की नजर से वो हसीं बात हो गई।
दर्द दिल में उठा सांस थमने लगी जैसे,
बे समय आंखों से मेरि बरसात हो गई।राजेन्द्र शर्मा "रैना"
भूले हुये वो यार फिर क्यों याद आते है,
वो याद आ कर दिल जलाते क्यों सताते है,
मेरे खुदा तू ही बता क्या दे सजा उनको,
जो दोस्तों की जिन्दगी दोजख बनाते है।राजेन्द्र शर्मा "रैना"
दोजख --नरक
सामने था यार पर नजरें मिलाई न गई,
होठ थे खुले मगर जुबान हिलाई न गई।
कट रहा है कैसे मेरी जिन्दगी का सफर,
बात दिल की दर्द कहानी सुनाई न गई।
आंखे अकसर पी लेती गर्म पानी मगर,
अफ़सोस चेहरे से जरदी छुपाई न गई।
टूटे हुये अरमान मैंने रखे हैं सम्भल कर,
"रैना" अरमानों की चिता जलाई न गई।राजेन्द्र शर्मा "रैना"
नजर की नजर से वो हसीं बात हो गई।
दर्द दिल में उठा सांस थमने लगी जैसे,
बे समय आंखों से मेरि बरसात हो गई।राजेन्द्र शर्मा "रैना"
भूले हुये वो यार फिर क्यों याद आते है,
वो याद आ कर दिल जलाते क्यों सताते है,
मेरे खुदा तू ही बता क्या दे सजा उनको,
जो दोस्तों की जिन्दगी दोजख बनाते है।राजेन्द्र शर्मा "रैना"
दोजख --नरक
सामने था यार पर नजरें मिलाई न गई,
होठ थे खुले मगर जुबान हिलाई न गई।
कट रहा है कैसे मेरी जिन्दगी का सफर,
बात दिल की दर्द कहानी सुनाई न गई।
आंखे अकसर पी लेती गर्म पानी मगर,
अफ़सोस चेहरे से जरदी छुपाई न गई।
टूटे हुये अरमान मैंने रखे हैं सम्भल कर,
"रैना" अरमानों की चिता जलाई न गई।राजेन्द्र शर्मा "रैना"
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