Wednesday, November 13, 2013

tujhe se mera

तुझसे मिरा ये गिला है,
मिल कर भी तू न मिला है,
तेरी बेरुखी का ये असर है,
मुरझाया जो फूल खिला है।राजेन्द्र शर्मा "रैना"
सुप्रभात जी  ……… जय जय मां 

बेशक करने वाला रब है,
जो सोचा वो होता कब है,
परवाना जल के मिट जाता,
उससे मिलना होता तब है। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

बदल सकता है तभी देश का मिजाज,
सोच समझ कर अपना वोट डालिये। राजेन्द्र शर्मा "रैना"

अमेरिका के नेता तभी कमाल करते हैं,
क्योकि वहाँ के लोग????
सोच समझ के अपने वोट का इस्तमाल करते हैं।राजेन्द्र शर्मा रैना" 

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