अभी फुरसत नही गम से गुफ्तगू चल रही है,
महफ़िल से उठ नही सकते रूबरू चल रही है। रैना"
मोहब्बत के अव्शेष रह गये,
लिखने वो गीत शेष रह गये,
रैना"जाने वाले भूले जाते है.
याद तो फ़क़त दरवेष रह गये। रैना"
महफ़िल से उठ नही सकते रूबरू चल रही है। रैना"
मोहब्बत के अव्शेष रह गये,
लिखने वो गीत शेष रह गये,
रैना"जाने वाले भूले जाते है.
याद तो फ़क़त दरवेष रह गये। रैना"