Saturday, August 15, 2015

भक्तों की जिसने पीड़ है जानी,
बीच गुफा में बैठी बैष्णो रानी,
तू चढ़ ले चढ़ाई,कर ले कमाई,
जय माता की बोल रे,
मनवा के पटवा खोल रे ,
जय जय माँ बोल रे --जय जय माँ
भक्तों से प्यार करे है,इंतजार करे है,
काटे जन्मों के बंधन,भव पार करे है,
ये जीवन अति अनमोल रे।
मनवा के पटवा खोल रे ,
जय जय माँ बोल रे --जय जय माँ
तेरा ध्यान करेगी,कल्याण करेगी,
गुणवान करेगी,धनवान करेगी,
तू झूठ कुफर न तोल रे।
मनवा के पटवा खोल रे ,
जय जय माँ बोल रे --जय जय माँ
सुप्रभात जी --------जय जय माँ

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