Tuesday, August 4, 2015

घुस आती है तेरी यादें दिल के घर में,
जबरदस्ती उग्रवादियों के जैसे,
अब चारों तरफ कंटीली तार लगवाने का इरादा है। रैना"

जवां होने का मतलब यह हरगिज नही की,
 दीवारें फांदना शुरू कर दे। रैना"

ख्वाहिशों को तू  जवान रखा कर,
दिल में दबा कर तूफ़ान रखा कर,
खाना पीना सोना शादी ओ बच्चें,
इस से अलग भी अरमान रखा कर। रैना"

रात तो अपने में मस्त रहती है,
हमने तारों को सुबक सुबक रोते देखा है। रैना"

हम तो पत्थर है बदलने की हिमाकत कर नही सकते,
क्योंकि कोई तराशेगा फिर भी हम पत्थर ही रहेगें। रैना"

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