Monday, August 3, 2015

माँ वैष्णो के दर आ भक्ता, सहारा है मिलता,
सहारा है मिलता, मस्त नजारा है मिलता,
मन चाह वरदान मिल जाये फूल खिल जाये,
बदकिस्मत ओ भटकों को,किनारा है मिलता। रैना"

देखो बहुत  सुन्दर सजा महारानी का दरबार है,
बीच गुफा में सजी बैठी सारे जग की सरकार है,
माँ वैष्णो दुःख हरणी सुखकरणी जगतारनी है,
रोशन मन मंदिर करदे भक्तों पे करती उपकार है। रैना"



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