हमें तेरे चरणों में बुलाती क्यों नही,हम भटको को राह दिखाती क्यों नही,
जागते हुए भी माँ वैष्णो हम सो रहे हैं,
माँ हमें गहरी नींद से जगाती क्यों नही।
मेरी माँ वैष्णो ---मेरी माँ वैष्णो -----
मची हुई भाग दौड़ इक पल न आराम है,
हर घड़ी हरपल माँ मेरी काम ही काम है,
निसंदेह खुद ही खुद हम होते जा रहे दूर हैं,
जुबां पे न आता माँ वैष्णो तेरा पाक नाम है।
मेरी माँ वैष्णि ------मेरी माँ वैष्णो ------
माँ आ घर हमारे हम से भी मुलाकात कर,
माँ सामने बैठ कर हम से भी कोई बात कर,
गम की आग ने हमें माँ झुलसा ही डाला है,
अब तू कर कृपा माँ खुशियों की बरसात कर।
मेरी माँ वैष्णो ---------मेरी माँ वैष्णो
सुप्रभात जी ------------जय जय माँ
जागते हुए भी माँ वैष्णो हम सो रहे हैं,
माँ हमें गहरी नींद से जगाती क्यों नही।
मेरी माँ वैष्णो ---मेरी माँ वैष्णो -----
मची हुई भाग दौड़ इक पल न आराम है,
हर घड़ी हरपल माँ मेरी काम ही काम है,
निसंदेह खुद ही खुद हम होते जा रहे दूर हैं,
जुबां पे न आता माँ वैष्णो तेरा पाक नाम है।
मेरी माँ वैष्णि ------मेरी माँ वैष्णो ------
माँ आ घर हमारे हम से भी मुलाकात कर,
माँ सामने बैठ कर हम से भी कोई बात कर,
गम की आग ने हमें माँ झुलसा ही डाला है,
अब तू कर कृपा माँ खुशियों की बरसात कर।
मेरी माँ वैष्णो ---------मेरी माँ वैष्णो
सुप्रभात जी ------------जय जय माँ
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