हम को तुझसे है प्यार बहुत,
तुम करते हो इन्कार बहुत।
तुझको फुरसत न मिलती,
हमको तेरा इन्तजार बहुत।
लगता इसलिये न बोले है,
हम जो करते तकरार बहुत।
मुर्ख बनाने वाले मिल जाते,
हाथ मिलाने वाले यार बहुत।
कम ही पूरे कर पाती है,
वैसे वादें करती सरकार बहुत।
तुम समझो मेरी मजबूरी को,
हमें फ़क़त तेरी दरकार बहुत।
इक रैना" ही न तेरा दीवाना,
तेरे इश्क में हुये बीमार बहुत।रैना"
तुम करते हो इन्कार बहुत।
तुझको फुरसत न मिलती,
हमको तेरा इन्तजार बहुत।
लगता इसलिये न बोले है,
हम जो करते तकरार बहुत।
मुर्ख बनाने वाले मिल जाते,
हाथ मिलाने वाले यार बहुत।
कम ही पूरे कर पाती है,
वैसे वादें करती सरकार बहुत।
तुम समझो मेरी मजबूरी को,
हमें फ़क़त तेरी दरकार बहुत।
इक रैना" ही न तेरा दीवाना,
तेरे इश्क में हुये बीमार बहुत।रैना"
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