दुनिया में इस से बड़ा न कोई जंत्र है,
जय माता दी बोल यही तो बीज मंत्र है।
सच्चे मन से जो भी जय वैष्णो माँ की बोलेगा,
वो अपने जीवन में खुशियों के रंग ही घोलेगा,
भक्ता जय वैष्णो माँ की बोल ले,
तू किस्मत के द्वारे खोल ले।
जय जय माँ जय जय ------------------
वैष्णो रानी माँ जग कल्याणी,
माँ भक्तों की पीड़ा हरने वाली,
माँ की महिमा अजब निराली,
दर से न कोई लौटे हैं खाली,
करना मत न फ़िक्र कोई चिंता,
मस्ती में बस डोल ले।
प्रेम से जय माँ वैष्णो बोल ले।
जय जय माँ जय जय --------
त्रिकुट पर्वत पे माँ वैष्णो विराजे,
बैठी गुफा में अति प्यारी है लागे,
चरणों में गंगा सिर पे छत्र है साजे,
माँ के जयकारे गूंजे है नगाड़े बाजे,
लूट ले खुशियों के खजाने रैना"
प्रेम से जय माँ वैष्णो बोल ले।
जय जय माँ जय जय --------
सुप्रभात जी ---------जय जय माँ
जय माता दी बोल यही तो बीज मंत्र है।
सच्चे मन से जो भी जय वैष्णो माँ की बोलेगा,
वो अपने जीवन में खुशियों के रंग ही घोलेगा,
भक्ता जय वैष्णो माँ की बोल ले,
तू किस्मत के द्वारे खोल ले।
जय जय माँ जय जय ------------------
वैष्णो रानी माँ जग कल्याणी,
माँ भक्तों की पीड़ा हरने वाली,
माँ की महिमा अजब निराली,
दर से न कोई लौटे हैं खाली,
करना मत न फ़िक्र कोई चिंता,
मस्ती में बस डोल ले।
प्रेम से जय माँ वैष्णो बोल ले।
जय जय माँ जय जय --------
त्रिकुट पर्वत पे माँ वैष्णो विराजे,
बैठी गुफा में अति प्यारी है लागे,
चरणों में गंगा सिर पे छत्र है साजे,
माँ के जयकारे गूंजे है नगाड़े बाजे,
लूट ले खुशियों के खजाने रैना"
प्रेम से जय माँ वैष्णो बोल ले।
जय जय माँ जय जय --------
सुप्रभात जी ---------जय जय माँ
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