Thursday, August 6, 2015

1  2  2  2    1  2  2  2    1  2  2
बता इतना तुझे दिलबर हुआ क्या,
नही आती तुझे देनी दवा क्या।
असर दिल पे मुहब्बत का हुआ क्या,
तबीबो पूछता लेनी दवा क्या।

मुझे तू याद आता है,जले दिल रात भर रोता;
नसीबों में लिखी मुश्किल
कभी जब रात होती है जला सामान घर का 

No comments:

Post a Comment