माँ वैष्णो के दर जो आयेगा,वो तो मन चाहा वर पायेगा,
दुःख पीड़ा रहे न परेशानी,उसका जीवन सफल हो जायेगा।
जय जय माँ,जय जय माँ ------
बीच गुफा में बैठी माँ मेरी,भक्तों का इंतजार करती है,
शुद्ध साफ जिसकी नीयत,माँ उसकी झोली भरती है,
माँ का भक्त तो जीवन भर,फूलों सा मुस्करायेगा।
दुःख पीड़ा रहे ---------जय जय माँ जय जय माँ।
माँ मेरी वैष्णो महारानी ने,ध्यानु का उद्धार किया,
भक्ति का वरदान दिया और भव सागर से पार किया,
रैना"तेरी बिगड़ी बन जाये,जो माँ के गुण गायेगा।
दुःख पीड़ा रहे ---------जय जय माँ जय जय माँ। रैना"
सुप्रभात जी ---------------जय जय माँ
दुःख पीड़ा रहे न परेशानी,उसका जीवन सफल हो जायेगा।
जय जय माँ,जय जय माँ ------
बीच गुफा में बैठी माँ मेरी,भक्तों का इंतजार करती है,
शुद्ध साफ जिसकी नीयत,माँ उसकी झोली भरती है,
माँ का भक्त तो जीवन भर,फूलों सा मुस्करायेगा।
दुःख पीड़ा रहे ---------जय जय माँ जय जय माँ।
माँ मेरी वैष्णो महारानी ने,ध्यानु का उद्धार किया,
भक्ति का वरदान दिया और भव सागर से पार किया,
रैना"तेरी बिगड़ी बन जाये,जो माँ के गुण गायेगा।
दुःख पीड़ा रहे ---------जय जय माँ जय जय माँ। रैना"
सुप्रभात जी ---------------जय जय माँ
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